गर्मी का मौसम शुरू हो गया है लेकिन जिले के विभिन्न हिस्सों में 11 अधिक हैंडपंप खराब हैं। जिन्हें शिकायत दर्ज कराने के बावजूद ठीक नहीं किया जा सका है। पंपों के सूखने की वजह से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में गधेरों का दूषित पानी पीनेे के कारण बीमारी फैलने की आशंका है। बताया कि उन्होंने पंपों को ठीक करने की कई बार गुहार लगाई है लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो सकी है।
पेयजल संस्थान की ओर से कपकोट तहसील गेट, रामलीला मैदान, भुरकुटी, पोलिंग मार्ग, असों, ओलिंग, मानीखेत, दाणोंछीना, कठपुड़ियाछीना डाकघर के सामने, असों खरेही में लगाए गए हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। लोगों ने बताया कि हैंडपंपों से साफ पानी निकलता था। इनसे ग्रामीणों, राहगीरों को सुविधा होती थी। लेकिन पंपों के अरसे बाद भी ठीक न होने कारण उनकी समस्या दोगुनी हो गई है। नजदीक में पानी के अन्य कोई स्रोत न होने के कारण उन्हें दो से चार किमी दूर जाना पड़ रहा है या फिर वह स्थानीय गधेरों का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जिससे पेट के रोगों, पीलिया रोग होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पंपों को शीघ्र ठीक करने के लिए पेयजल संस्थान को कई बार कह दिया है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पंपों को शीघ्र ठीक नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में असों के प्रधान भुवन शाही, जय सिंह, गोपाल सिंह, हरीश उपाध्याय, रमेश राम, जीवन सिंह, उम्मेद सिंह, बलवंत सिंह, पुष्पा देवी, जसोदा देवी, राजेंद्र सिंह, खीम सिंह आदि शामिल हैं। पेयजल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजीव मिश्र ने बताया कि हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए ठेका लेने वाली फर्म को पत्र लिखा गया है। फर्म के तकनीशियनों के आने पर पंपों को ठीक कराने का काम शुरू होगा।