अल्मोड़ा। बोर्ड परीक्षा के परिणाम ने सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा के दावों की पोल खोली है। अल्मोड़ा जिले में सरकारी स्कूल टॉपर देने में निजी स्कूलों के मुकाबले पिछड़े हैं। जिले में 263 सरकारी स्कूलों से महज सात विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान पाया है जिसमें हाईस्कूल में तीन और इंटर में चार विद्यार्थी शामिल हैं।
सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन इसका असर धरातल पर नहीं दिख रहा। बोर्ड परीक्षा के परिणामों में अल्मोड़ा जिले के सरकारी स्कूल टॉपर देने में पिछड़े हैं। जिले में 21 जीजीआईसी, 145 जीआईसी और 97 हाईस्कूल संचालित हैं। हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा में जिले में कुल 8605 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिसमें 7640 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं।
इंटरमीडिएट में 9442 विद्यार्थियों के सापेक्ष 8246 को सफलता मिली। प्रदेश के टॉपरों की सूची में जिले के इन सरकारी विद्यालयों के सात विद्यार्थियों को ही स्थान मिला है जबकि जिले में संचालित दो निजी विद्यालयों के 20 विद्यार्थी इस सूची में शामिल हैं।
शिक्षकों की कमी से भी पड़ा परीक्षा परिणाम पर असर
अल्मोड़ा। शिक्षकों की कमी से भी परीक्षा परिणाम पर असर पड़ा है। जिले के 145 जीआईसी में प्रवक्ताओं के 1333 पद स्वीकृत है जिसके सापेक्ष 591 पद रिक्त हैं। एलटी संवर्ग में शिक्षकों के 1716 पद सृजित हैं जिसके सापेक्ष 263 पद खाली हैं। वहीं जीजीआईसी में प्रवक्ताओं के 193 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 68 पद रिक्त हैं। संवाद
शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान पाया है जो गौरव की बात है। शिक्षकों की कमी दूर होने पर शिक्षण व्यवस्था में सुधार आएगा। -अत्रेश सयाना, प्रभारी मुख्य शिक्षाधिकारी, अल्मोड़ा।