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Almora News: धौलछीना में 10 साल बाद भी अस्तित्व में नहीं आ सकी तहसील

Fri, 26 May 2023 11:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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धौलछीना (अल्मोड़ा)। क्षेत्र के लोगों की तहसील संचालित होने की उम्मीद 10 साल बाद भी परवान नहीं चढ़ सकी है। शासनादेश जारी होने के बावजूद यहां तहसील अस्तित्व में नहीं आ सकी है जबकि यह तहसील कागजों में संचालित हो रही है।
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वर्ष 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने धौलछीना तहसील की घोषणा की थी। 3 सितंबर 2013 को इसका शासनादेश भी जारी हो गया था। भैंसियाछाना और धौलादेवी ब्लॉक के 11 पटवारी क्षेत्रों के 117 गांव इस तहसील में शामिल किए गए। इन गांवों के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही तहसील अस्तित्व में आएगी और उन्हें छोटे-बड़े काम के लिए 50 किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संवाद

कार्मिकों के पद सृजित, कहां हैं इसका पता नहीं
अल्मोड़ा। तहसील का शासनादेश जारी होते ही इसके संचालन के लिए कार्मिकों के पद सृजित करने में तत्परता दिखाई गई। यहां विभिन्न पदों पर पांच कार्मियों की तैनाती के आदेश भी जारी हुए लेकिन ये कार्मिक 10 साल बाद भी धौलछीना नहीं पहुंच सके हैं। ये कहां हैं इसका किसी को पता नहीं है। धौलछीना तहसील के लिए नियुक्त कार्मिक जिला मुख्यालय में सेवा देने की बात सामने आई है। संवाद
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राजस्व बोर्ड से इसका प्रस्ताव पास होना है जिसकी कार्रवाई गतिमान है। जल्द तहसील संचालन के प्रयास किए जा रहे हैं। -कुलदीप पांडे, तहसीलदार, अल्मोड़ा।

कुछ समय पहले क्षेत्र में पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री के सामने स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील संचालन का मामला रखा गया था। उन्होंने इसका आश्वासन तो दिया लेकिन उनकी बात भी हवाई साबित हुई है। -चंद्र सिंह मेहरा, अध्यक्ष, प्रधान संगठन, धौलछीना।

वर्ष 2013 में कांग्रेस ने धौलछीना के लोगों की परेशानी को देखते हुए तहसील की स्वीकृति दी थी। तब इसका शासनादेश भी जारी हो चुका था लेकिन अब तक इसका संचालन नहीं हो सका है जो मौजूदा सरकार की नाकामी है। -मनोज तिवारी, विधायक, अल्मोड़ा।
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