निबंधक सहकारी समितियां निदेशालय कुछ माह पहले देहरादून से अल्मोड़ा में शिफ्ट हो गया है, लेकिन निबंधक आज भी नियमित रूप से अल्मोड़ा में नहीं बैठ रहे हैं। निबंधक विजय कुमार ढौंडियाल के पास शासन में कुछ अन्य विभागों का भी चार्ज है। इस कारण वह अल्मोड़ा में नहीं बैठ पाते । जिससे कई फाइलें उनके हस्ताक्षरों के लिए आज भी देहरादून भेजी जाती हैं और कई कर्मचारियों की अल्मोड़ा से देहरादून तक की दौड़ चलती रहती है।
मालूम हो कि राज्य बनने के बाद निबंधक सहकारी समितियां निदेशालय अल्मोड़ा में स्थापित किया गया था, लेकिन कैंप कार्यालय के नाम पर यह निदेशालय देहरादून में ही चलता रहा। कुछ माह पहले जनप्रतिनिधियों की मांग पर देहरादून के कैंप कार्यालय को बंद करके निदेशालय को स्थार्यी रूप से अल्मोड़ा शिफ्ट करने का शासनादेश जारी कर दिया गया। शासनादेश जारी होने के बाद कुछ माह पहले निबंधक कार्यालय को स्थाई रूप से लोअर माल रोड (कर्नाटकखोला) में एक किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। सभी उप रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी, कर्मचारी स्थाई रूप से यहां आ गए हैं लेकिन निबंधक आज भी नियमित तौर पर इस कार्यालय में नहीं बैठ पा रहे हैं।
निदेशालय यहां शिफ्ट होने के बाद भी निबंधक इक्का दुक्का बार ही यहां आए हैं। बताया गया है कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होने के नाते निबंधक विजय कुमार ढौंडियाल के पास शासन में सचिव सहकारिता सहित कुछ अन्य दायित्व भी हैं। जिससे अल्मोड़ा नहीं बैठ पा रहे हैं। इस वजह से आज भी कई जरूरी फाइलें हस्ताक्षरों के लिए उनके पास देहरादून भेजी जाती हैं। इस चक्कर में आए दिन कर्मचारियों और अधिकारियों की अल्मोड़ा से देहरादून तक दौड़ होती रहती है। इधर उप निबंधक आनंद एडी शुक्ला ने बताया कि निदेशालय स्थानांतरित होने के बाद निबंधक श्री ढौंडियाल ने कई बार अल्मोड़ा आकर अधिकारियों के साथ बैठक की है। साथ ही बीते दिनों उन्होंने निदेशालय में तैनात संयुक्त निबंधक, उप निबंधकों और सहायक निबंधकों को कार्य आवंटित भी कर दिया है। निबंधक के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में स्थित सहकारी संस्थाओं का निरीक्षण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि निबंधक कार्यालय में सभी कार्य सामान्य तरीके से हो रहे हैं।