मजदूर की बेटी ने हाईस्कूल की मेरिट में आकर यह साबित कर दिया कि मन में कुछ कर गुरजने की तमन्ना हो तो मुश्किल भी हौंसला नहीं डिगा सकती है। जीआईसी सुनौली की भूमिका भाकुनी ने 95.6 फीसदी अंक के साथ हाईस्कूल की मेरिट में प्रदेश में 18वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित किया।
भूमिका को हिंदी में 100 में से 100, गणित में 96 सामाजिक विषय में 97, विज्ञान में 97, अंग्रेजी में 88 कुल 500 में से 478 अंक मिले। भूमिका ने ट्यूशन नहीं पढ़ा। उन्होंने घर पर ही रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई की। भूमिका ने बताया कि वह सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। भूमिका ने रोजाना पैदल ही स्कूल आवाजाही करती थी। उनके पिता जयपाल सिंह भाकुनी मेहनत मजदूरी करते हैं। माता ललिता देवी गृहणी है। मजदूर पिता ने खुद कई कष्ट झेले, लेकिन बेटी की शिक्षा से समझौता नहीं किया।
बेटी भी पिता के अरमानों पर खरी उतरी और मेरिट में स्थान प्राप्त कर माता पिता का सर गर्व से ऊंचा किया। अभिभावक संघ के संरक्षक ईश्वर जोशी ने बताया कि भूमिका को विद्यालय में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने भूमिका की उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायी है।