अल्मोड़ा। भिकियासैंण और मरचूला में रामगंगा नदी पर जल्द पर्यटक रिवर राफ्टिंग के रोमांच के साथ ही एंगलिंग का भी आनंद उठा सकेंगे। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम इन स्थानों को एंगलिंग हब के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। यहां साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से पर्यटन कारोबार को नए पंख लेगेंगे। वहीं स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रामगंगा नदी किनारे बसे मरचूला और भिकियासैंंण को इको-टूरिज्म स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी। इन्हें जल्द एंगलिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटक 10 किमी के दायरे में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकेंगे। रिवर राफ्टिंग के साथ पर्यटकों के लिए यह मछली पकड़ने का नया अनुभव होगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम एक करोड़ 25 लाख रुपये से योजना को धरातल पर उतारेगा। यहां पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार होने से पर्यटन कारोबार को भी एक नई गति मिलेगी।
कैंपिंग हट से बढ़ेगा आकर्षण
पर्यटकों की सुविधा के लिए आकर्षक कैंपिंग हट तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही उनके लिए यहां किचन की भी सुविधा होगी जहां पर्यटक सुविधा के बीच परिवार सहित छुट्टियों में पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।
रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
एंगलिंग हब बनने से क्षेत्र के युवाओं के लिए होम-स्टे, रेस्टोरेंट संचालन, गाइड, राफ्टिंग प्रशिक्षक के तौर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं स्थानीय उत्पादों को बिक्री कर युवा अच्छी आमदनी कर सकेंगे।
कोट
रामगंगा नदी किनारे भिकियासैंण और मरचूला को एंगलिंग हब के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए शासन से बजट स्वीकृति हो चुका है। योजना को अस्तित्व में लाने का कार्य शुरू हो चुका है। - नीरज सिंह नयाल, जेई, कुमाऊं मंडल विकास निगम, नैनीताल