अल्मोड़ा। भारत शुद्धिकरण यात्रा चौथे दिन अल्मोड़ा के मां नंदा देवी से हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुई। यात्रियों ने नगर क्षेत्र में भारत माता की जय और वंदे मातरम् गगनभेदी उद्घोष लगाए।
जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और शक्ति का प्रतीक है। इसी उद्घोष के साथ क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। कहा कि जो लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम् का विरोध करते हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि ऐसे विचार भारत की एकता और अखंडता के विरुद्ध हैं। भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को यह स्मरण रखना चाहिए कि भारत माता की जय और वंदे मातरम् कहना हमारा नैतिक अधिकार है।
स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने कहा कि आज भारत शुद्धिकरण का संकल्प इसी उद्देश्य से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवताओं की भूमि है। यहां मां गंगा, यमुना सहित असंख्य देवी-देवताओं का वास है। ऐसी पवित्र भूमि पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और भारत को खंड-खंड करने की सोच को कदापि स्वीकार नहीं किया किया जाएगा। इस दौरान यात्रा में लालबाबा महामंडलेश्वर श्री चित्रगुप्त पीठ अखाड़ा वृंदावन पुजारी जागेश्वरधाम मंदिर हनुमान बाबा श्री वरुणानंद महाराज श्री महंत भंडारी, बाबा फरीदाबाद चंदन सिंह बिष्ट सहित अनेक यात्री मौजूद रहे। संवाद