अल्मोड़ा। भारत शुद्धिकरण यात्रा रविवार को अल्मोड़ा के हनुमानगढ़ी से स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक ज्ञानस्थली काकड़ीघाट पहुंची। जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रीय चेतना को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया गया।
रविवार को यात्रा काकड़ीघाट पहुंची। महात्माओं ने भजन-कीर्तन किया। स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज ने यात्रा के उद्देश्य बताते हुए कहा गया कि पदयात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को जिहादी मानसिकता, जबरन धर्मांतरण, राष्ट्रविरोधी विचारधारा और सांस्कृतिक विघटन से मुक्त कराने का महाअभियान है। स्वामी विवेकानंद ने भारत को विश्वगुरु बनने का स्वप्न दिखाया था। वर्तमान में भारत को भीतर से तोड़ा जा रहा है। यह यात्रा उस टूटती हुई चेतना को जोड़ने और सनातन भारत को फिर से उसके गौरव पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प है। इस दौरान संतों ने ग्रामवासियों से आह्वान किया कि वे धर्म, राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए इस यात्रा से जुड़े। कहा कि भारत को फिर से राम-कृष्ण, शिव-शक्ति और विवेकानंद के मार्ग पर अग्रसर करें। संवाद