अल्मोड़ा। सोमेश्वर स्थित भजनेस्वर महादेव मंदिर को सहेजने की कवायद शुरू हो चुकी है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएनवीएन) ने प्राचीन मंदिर के संरक्षण के लिए शासन को 49 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार कर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को पंख लगेंगे।
सोमेश्वर के तीताकोट गांव में लोगों की आस्था से जुड़ा भजनेस्वर महादेव मंदिर जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। केएनवीएन ने मंदिर को सहेज कर इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप विकसित करने की पहल शुरू कर दी है। मंदिर में मुख्य द्वार का निर्माण, टाइल्स लगाने सहित पर्यटकों के लिए पेयजल व्यवस्था, बैठने के लिए बैंच, शौचालय निर्माण, पर्याप्त रोशनी सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के समीप नदी पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक पुल स्थापित किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर तक पहुंचना आसान होगा। योजना के अस्तित्व में आने से न केवल मंदिर को नई पहचान मिलेगी बल्कि यहां पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे द्वार
मंदिर के धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। युवा पूजा सामग्री की दुकानें, होम स्टे, रेस्टोरेंट आदि व्यवसाय से जुड़ कर स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगे। होम स्टे, रेस्टोरेंट में पर्यटकों को पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इससे पहाड़ के उत्पादों को भी पहचान मिलेगी।
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कोट
- भजनेस्वर महादेव मंदिर को जल्द धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट अवमुक्त होते ही मंदिर में विकास कार्य शुरू किए जाएंगे
- लीलाधर त्रिपाठी, जेई, केएमवीएन अल्मोड़ा