जनसमस्याओं को लेकर पिछले 10 दिन से क्रमिक अनशन कर रहे रिस्कन घाटी के ग्रामीणों ने वार्ता को पहुंचे विधायक प्रतिनिधि जगत रौतेला और तहसीलदार धनीराम को बैरंग लौटा दिया। तहसीलदार को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ा। महिलाओं ने कहा 10 दिन बाद प्रशासन द्वारा सुध ली जा रही है। अब कोरे आश्वासनों पर नहीं डिगेंगे। मांग पूरी होने तक आंदोलन किया जाएगा। इधर, तहसीलदार ने बताया कि एसडीएम एपी बाजपेयी सात अप्रैल को गांव पहुंचेंगे।
रिस्कन घाटी संघर्ष समिति के बैनर तले 10 वें दिन क्रमिक अनशन पर प्रधान शेर सिंह, चंद्र दत्त मिश्रा बैठे। समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह बिष्ट, जगदीश बुधानी, मोहन कांडपाल, रमेश पुजारी, दर्शन सिंह, उमा पंत, दुर्गा देवी, मुन्नी देवी, सरस्वती देवी, बीना देवी, हीरा देवी, सुमन बिष्ट, गुसांई सिंह, लक्ष्मी देवी आदि ने धरना दिया।
तहसीलदार ने ग्रामीणों को समझाने की भरसक कोशिश की और समस्याओं के समाधान के लिए कुछ समय मांगा, लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। महिलाओं ने कहा बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क और शिक्षा जैसी समस्याओं का निराकरण होने के बाद ही आंदोलन खत्म किया जाएगा।
तहसीलदार धनीराम ने बताया सात अप्रैल को एसडीएम एपी बाजपेयी धरना स्थल पर पहुंचेंगे। इस अवसर पर महिलाओं ने द्वाराहाट-ईड़ा मोटर मार्ग पर घटिया पत्थर लगाने का आरोप भी लगाया।