अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी और पेंशन प्राप्त करने वाले राज्य आंदोलनकारियों की जांच करने की मांग की। उन्होंने शासन और प्रशासन पर वास्तविक राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने द्वाराहाट के राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं होने पर जिला मुख्यालय में धरना देने का एलान किया।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा समेत कई स्थानों पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई लोग राज्य आंदोलनकारी बन गए। फर्जी तरीके से राज्य आंदोलनकारी बने लोगों को नौकरी और पेंशन भी मिल गई है। उन्होंने इस मामले की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने फर्जी आंदोलनकारियों को नौकरी और पेंशन दे दी, लेकिन वास्तविक राज्य आंदोलनकारी आज भी नौकरी, पेंशन के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गत एक माह से राज्य आंदोलनकारी द्वाराहाट में आंदोलनरत हैं। शासन प्रशासन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद वास्तविक आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं किया गया है। उन्होंने द्वाराहाट के राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं होने पर जिला मुख्यालय में धरना देने का एलान किया। बैठक में महेश परिहार, शिवराज बनौला, गोपाल सिंह, महेश पांडे, गोपाल राम, दीवान बनौला, एलडी शर्मा आदि मौजूद थे।