अल्मोड़ा/बागेश्वर। जिला पंचायत के चुनाव में बागेश्वर में भाजपा और अल्मोड़ा में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। अल्मोड़ा में कांग्रेस की उमा सिंह बिष्ट और बागेश्वर में भाजपा की बसंती देव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। दोनों ही विजयी प्रत्याशियों ने अपने प्रतिद्वंद्वी को एक-एक वोट से शिकस्त दी। जीतने के बाद सभी ने संयुक्त रूप से विजय जुलूस निकाला।
बृहस्पतिवार सुबह दस बजे से शाम तीन बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच जिला पंचायत सभागार में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ। अल्मोड़ा में 45 जिला पंचायत सदस्यों ने मताधिकार का प्रयोग किया। कांटे के मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी उमा सिंह बिष्ट ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के महेश सिंह नयाल को एक वोट से पराजित किया। उमा सिंह बिष्ट 23 वोट पड़े, जबकि महेश को 22 मत प्राप्त हुए। सुरेंद्र सिंह मेहरा को कोई वोट नहीं पड़ा। सुरेंद्र सिंह मेहरा ने भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी।
वहीं उपाध्यक्ष पद पर उत्तराखंड क्रांति दल की कांता रावत ने कांग्रेस के देवेंद्र सिंह बिष्ट को चार मतों से मात की। कांता 21 मत, देवेंद्र को 17, भाजपा से जुड़े नंदन सिंह नेगी निक्कू को छह और पंकज कुमार को एक वोट प्राप्त हुए। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानी) नितिन सिंह भदौरिया ने चुनाव परिणामों की घोषणा कर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र दिए। वहां सहायक निर्वाचन अधिकारी डीडीओ केके पंत समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
उधर बागेश्वर में डीएम रंजना राजगुरु और चुनाव आयोग के प्रेक्षक केएस रावत की उपस्थिति में सभी 19 सदस्यों ने मतदान किया। जिला पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए भाजपा प्रत्याशी बसंती देव को 10 और कांग्रेस प्रत्याशी वंदना ऐठानी को नौ वोट मिले। उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित भावना देवी और निर्दलीय प्रत्याशी नवीन परिहार को बराबर नौ-नौ वोट मिले जबकि एक मत निरस्त हुआ। इस पर लॉटरी प्रक्रिया हुई, जिसमें नवीन परिहार विजयी घोषित हुए। डीएम रंजना ने अध्यक्ष/उपाध्यक्ष दोनों को प्रमाणपत्र देकर जीत की बधाई दी। उन्होंने निर्वाचन, सुरक्षा व्यवस्था में लगे सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भी आभार जताया। इस अवसर पर वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल कुमार गोयल, सीडीओ केएन तिवारी, जोनल मजिस्ट्रेट योगेंद्र सिंह, एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी आदि थे।
पहली बार रानीखेत उपमंडल की झोली में आई अध्यक्ष की सीट
रानीखेत/द्वाराहाट। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पहली बार रानीखेत उपमंडल की झोली में आई है। इससे लोगों में अब उपमंडल क्षेत्र के विकास की नई उम्मीद जगी है। दरअसल पंचायती एक्ट में संशोधन के बाद जब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की व्यवस्था लागू हुई तो तब से लेकर वर्तमान तक यह सीट पर अल्मोड़ा के सदस्यों का ही वर्चस्व रहा है। पहली बार इस सीट पर द्वाराहाट की उमा बिष्ट ने जीत हासिल की है। अल्मोड़ा जिला पंचायत में अध्यक्ष पद पर पूर्व विधायक मदन बिष्ट की पत्नी उमा बिष्ट एक मत से विजयी हुई हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद पर भी कांता रावत जीती हैं। दोनों ही द्वाराहाट विधानसभा के हैं। इससे लोगों में जबरदस्त उत्साह भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अब रानीखेत, द्वाराहाट, सल्ट, स्याल्दे, चौखुटिया सहित पूरे उपमंडल का विकास होगा। पहली बार इस पद पर अल्मोड़ा का वर्चस्व टूटा है।
पिंडर पार के सदस्य को पहली बार मिली अध्यक्ष की कुर्सी
कपकोट/बागेश्वर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भाजपा ने कांग्रेस से छीनी है। पिछली बार बराबर 10-10 वोट मिलने पर कांग्रेस प्रत्याशी हरीश चंद्र सिंह ऐठानी लॉटरी से जीते लेकिन इस बार भाजपा ने अपने दो बागियों को मना लिया। इस कारण वह एक वोट से जीत गई। पिछली बार की तरह इस बार भी कपकोट क्षेत्र का ही जिला पंचायत सदस्य अध्यक्ष बना लेकिन इस बार पिंडर नदी पार के बाछम क्षेत्र की सदस्य बसंती देव की जीत से लोगों की अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं। वहीं कपकोट क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू भी पिंडारी पार के ही रहने वाले हैं।
खुशी में झूमे कांग्रेसी, निकाला जुलूस
अल्मोड़ा। छह ब्लॉक प्रमुख और अब जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट जीतने पर अल्मोड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जुलूस निकाला और मिठाई बांटी। जुलूस में विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, पूर्व विधायक मदन बिष्ट, मनोज तिवारी, गीता मेहरा, राधा बिष्ट, किरन साह, तारा चंद्र जोशी, दीप डांगी, दीवान सतवाल आदि थे।
मतदान की गोपनीयता भंग करने का आरोप
अल्मोड़ा। कांग्रेस की जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी उमा सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बिष्ट और पंकज कुमार ने जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर डुंगरा के जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह मेहरा पर मतदान की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि सुरेंद्र मेहरा ने पंचायत चुनाव नियमवाली का खुला उल्लंघन कर मतदान की गोपनीयता भंग की है। सीसीटीवी कैमरा भी इसका प्रमाण है। आरोप लगाया है कि सुरेंद्र मेहरा ने खुला मतदान किया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरेंद्र का मत निरस्त करने की मांग की है।
धारानौला में मतदान के दौरान भिड़े भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता
अल्मोड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मतदान के दौरान धारानौला में जिला पंचायत कार्यालय के गेट पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मध्य धक्का मुक्की और तीखी झड़प हुई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए। वरिष्ठ नेताओं और पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत किया।
मतदान के चलते जिला पंचायत परिसर को सीढ़ी बाजार से जाने वाले गेट को बंद कर दिया गया था। धारानौला मार्ग स्थित गेट से ही मतदान को आने जाने की अनुमति थी। करीब साढ़े ग्यारह बजे सांसद अजय टम्टा मतदान केंद्र जिला पंचायत परिसर को जाने लगे तो गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा काट दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। इसके बाद सांसद वापस लौट आए। पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी है। इस दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मध्य धक्का मुक्की भी हुई और हल्की झड़प भी हुई।
कांग्रेसियों ने मतदान को प्रभावित करने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद प्रदेश की बाल विकास राज्य मंत्री रेखा आर्या, विधायक महेश नेगी, विधायक सुरेंद्र नेगी ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने भी बीच बचाव कर मामला शांत करवाया। इस दौरान कुछ देर धारानौला मार्ग में जाम भी लगा रहा। उधर भाजपाइयों का आरोप था कि कांग्रेसी गेट पर जमावड़ा लगाकर उनके जिला पंचायत सदस्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक मनोज तिवारी और मदन बिष्ट ने पुलिस प्रशासन पर नियमों की अवहेलना का आरोप लगाया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर उमा सिंह बिष्ट की जीत पर जुलूस निकालते कांग्रेसी।- फोटो : ALMORA
नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष उमा सिंह बिष्ट।- फोटो : ALMORA