अल्मोड़ा। सिंचाई विभाग अब कोसी नदी में कोसी से करीब 10 किमी दूर देवस्थल और 20 किमी दूर काकड़ीघाट (जिला नैनीताल) के निकट दो नए बैराज बनाने की योजना तैयार कर रहा है। इन स्थानों पर बैराज बन जाने के बाद इन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को पानी के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा।
कोसी नदी के उद्गम स्थल पिनाथ सोमेश्वर से लेकर काकड़ीघाट तक का इलाका पेयजल और सिंचाई के लिए कोसी नदी पर ही निर्भर है। गर्मी के मौसम में नदी का जल स्तर घट जाने से पेयजल और सिंचाई योजनाओं के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पाता जिससे इन इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ जाती है। कोसी बैराज बन जाने से नगर और आसपास के इलाकों की एक लाख से अधिक आबादी को पेयजल संकट से निजात मिलने और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल जाने की उम्मीद जगी है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (कुमाऊं) डीसी सिंह ने बताया कि कोसी नदी में कोसी से करीब 10 किमी ऊपर की तरफ देवस्थल और नीचे की तरफ करीब 20 किमी दूर काकड़ीघाट के निकट दो बैराज बनाने के प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन स्थानों पर बैराज बन जाने पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान होगा वहीं पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि गर्मी में अल्मोड़ा नगर और आसपास के इलाकों में पानी की कमी रहती है। इसे देखते हुए पर्याप्त टेस्टिंग से पहले ही कोसी बैराज के गेट बंद करके पानी रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि हाल में हुई बारिश से बैराज क्षेत्र में मलबा जमा होना कोई तकनीकी खामी नहीं है। बारिश के बाद पानी में मलबा और गाद जमा होना सामान्य प्रक्रिया है।
बैराज के गेट खोल कर पानी बहाने पर जमा गंदगी भी साफ हो जाएगी। श्री खेतवाल ने बताया कि कोसी बैराज में पक्की सड़क, सुंदर घाट, कैंटीन, पार्किंग आदि सुविधाएं स्थापित करने का काम चल रहा है। अक्तूबर तक बैराज की टेस्टिंग पूरी होने के साथ ही सभी प्रस्तावित काम पूरे कर लिए जाएंगे ताकि बाहरी क्षेत्रों से भी काफी संख्या में पर्यटक यहां घूमने आ सकें।