लोस चुनाव के ठीक पहले बागी प्रमोद नैनवाल को पार्टी में दुबारा शामिल करने का दांव भाजपा उलटा पड़ा है। जिला महामंत्री प्रेम शर्मा सहित 160 से अधिक भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया है।
बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा में प्रमोद नैनवाल को भाजपा में शामिल किया गया था। इससे रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं भी नाराज हुए। शुक्रवार को देर शाम जिला, नगर, तीन मंडलों के पदाधिकारियों, बूथ संयोजकों, सह संयोजकों, शक्ति केंद्र के संयोजकों ने सामूहिक इस्तीफे प्रदेश संगठन को भेज दिए हैं। कार्यकर्ताओं ने जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नैनवाल को निष्कासित नहीं किया जाता तो वह कल से चुनाव प्रचार भी नहीं करेंगे। प्रमोद नैनवाल ने 2017 में पार्टी प्रत्याशी अजय भट्ट के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा था। जिला महामंत्री प्रेम शर्मा ने कहा कि प्रमोद नैनवाल ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ 2017 में विस चुनाव लड़ा। नगर निकाय चुनाव में भी नैनवाल ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
इन्होंने दिए पदों से इस्तीफे
जिला महामंत्री प्रेम शर्मा, पूर्व प्रमुख धन सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष जनार्दन पांडे, चंदन भगत, विस संयोजक मदन माहरा, विस प्रभारी आनंद बुधानी, मंडल अध्यक्ष ध्यान सिंह नेगी, त्रिलोक सिंह, हंसा दत्त बवाड़ी, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र जसवाल, जिला कार्यकारिणी सदस्य पप्पू बिष्ट, रामेश्वर गोयल, नरेंद्र नेगी, युवा मोर्चा महामंत्री प्रकाश जोशी, जिला मंत्री निर्मला शर्मा, पूर्व दुग्ध संघ अध्यक्ष कुंवर गोसाई, देव गिरि, नगर पंचायत अध्यक्ष भिकियासैंण अंबुली देवी, मंडल महामंत्री प्रदीप बिष्ट, मदन कुवार्बी, हरीश पांडे, धर्मानंद जोशी, गिरीश चंद्र, प्रह्लाद सिंह, भूपाल बिष्ट, ललित माहरा, राम सिंह रावत, महिपाल किरौला, बालादत्त आदि।