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बैंक, एटीएम पर लग रही लाइन

Sat, 17 Dec 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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बैंक, एटीएम पर लग रही लाइन - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। नगर के प्रमुख बैंकों में शुक्रवार को भी पेंशनरों और खाताधारकों की काफी भीड़ रही। दस हजार रुपए निकालने के लिए लोग कई लाइनों में खड़े रहे, जबकि पांच सौ का नोट एटीएम से निकलने के बाद एटीएम में भी लोग पैसे निकालने में लगे रहे। हालांकि कई अन्य बैंक शाखाओं में ग्राहकों की अधिक भीड़ नहीं रही। शुक्रवार को भी एसबीआई, अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक सहित कुछ शाखाओं में सुबह से ही खाता धारकों की भीड़ रही।
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एसबीआई मुख्य शाखा के अंदर कई लाइनों में खाताधारक, पेंशनर महिलाएं, पुरुष लाइनों में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। एसबीआई में लोगों को अपने खाते से रुपए निकालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। पांच सौ का नोट केवल एटीएम से मिलने के कारण खुले पैसे के लिए लोग एटीएम में भी लाइन लगाते दिखे। हालांकि कई अन्य बैंक शाखाओं में भीड़ अधिक नहीं रही।

अल्मोड़ा। डीएम सविन बंसल ने शुक्रवार को मोबाइल एटीएम वैन को रिबन काटकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि आम लोगों को नोटबंदी के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए इस वैन को उन स्थानों पर भेजा जा रहा है, जहां एटीएम सुविधा नहीं है। उन क्षेत्रों के एटीएम कार्ड धारक इसका लाभ उठा सकेंगे। डीएम ने उम्मीद जताई कि मोबाइल एटीएम वैन के चलने से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी।
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एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक महेश बड़थ्वाल ने बताया कि थ्री-जी कनेक्टिविटी जहां पर होगी, वहां पर इसका लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को यह वैन विकास भवन और हवालबाग में जा रही है। शनिवार को मोबाइल एटीएम वैन से एसएसजे परिसर और आर्मी कैंट क्षेत्र के लोग पैसे निकाल सकेंगे।

उन्होंने बताया कि एटीएम में सौ, पांच सौ, दो हजार के नोट आहरित किए जा सकेंगे। इस दौरान उप प्रबंधक एमसी कांडपाल, सांसद प्रतिनिधि रमेश बहुगुणा, भाजपा जिलाध्यक्ष ललित लटवाल, संजय टम्टा, दर्शन रावत, गोविंद लाल, जेसी नैनवाल, अमित असवाल, हरीश सिंह आदि थे। 

अल्मोड़ा। नोटबंदी के बाद से जिले में प्रॉपर्टी का कारोबार काफी मंदा हो गया है। पिछले एक माह में जमीन और अन्य अचल संपत्ति की खरीद और बिक्री में करीब 75 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। अल्मोड़ा में एक माह में सिर्फ 35 रजिस्ट्री हुई हैं जबकि नोटबंदी से पहले के एक सप्ताह में ही 28, अक्तूबर में 90 रजिस्ट्री हुई थी। इस कारण प्रॉपर्टी के कारोबार में लगे लोग काफी मायूस दिखाई पड़ रहे हैं। 

नोटबंदी का सबसे अधिक असर प्रॉपर्टी के कारोबार में पड़ा है। पांच सौ और हजार रुपए के नोट बंद होने के बाद से आम तौर पर लोग प्रॉपर्टी के नए सौदे करने से बच रहे हैं। कलक्ट्रेट में स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक नोटबंदी से पहले अक्तूबर में 90, एक नवंबर से आठ नवंबर के बीच 28 रजिस्ट्री हुई थी जबकि नोटबंदी के बाद पिछले एक माह में सिर्फ 35 रजिस्ट्री हुई हैं।

बताया गया है कि इनमें भी अधिकतर वही सौदे शामिल हैं जो नोटबंदी से पहले तय हो चुके थे। नोटबंदी से पूर्व जहां हर हफ्ते औसतन 25 रजिस्ट्री हुआ करती थी यह संख्या घटकर औसतन आठ पहुंच गई है। यह माना जा रहा है कि आगामी कुछ दिनों तक फिलहाल यही स्थिति रह सकती है। जमीन आदि संपत्ति की रेटों को लेकर भी लोगों में असमंजस है। इसलिए अधिकतर लोग जमीन आदि के सौदे करने के लिए फिलहाल कुछ समय तक इंतजार करना ही मुनासिब समझ रहे हैं।

हालांकि जिन लोगों ने निर्माणाधीन कॉलोनियों में फ्लैट आदि बुक कराए हैं, वह करार के मुताबिक रजिस्ट्री करवा रहे हैं। इधर जानकार लोगों का मानना है कि नोटबंदी के बाद से सरकार की बदली हुई नीतियों के चलते भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमतों में पहले की अपेक्षा गिरावट आ सकती है क्योंकि अगले दिनों में होने वाले सौदों में लोगों को सिर्फ ह्वाइट मनी से ही भुगतान करना होगा।
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