जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने सेवा में कमी पाए जाने पर भारतीय स्टेट बैंक शाखा स्याल्दे को खाताधारक को 80 हजार रुपये और वाद व्यय के पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं।
स्याल्दे के महरोली निवासी मनोज कुमार सैनी का भारतीय स्टेट बैंक स्याल्दे में खाता है। खाते में एटीएम सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन उनके खाते से नवादा मेट्रो स्टेशन नई दिल्ली और 260 फोटो रोड दिल्ली से एटीएम से तीन जुलाई 2015 और चार जुलाई 2015 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने 40-40 हजार रुपये निकाल लिए। जिस दिन उनके खाते से रुपये निकाले उस दिन वह स्कूल स्याल्दे में उपस्थित थे।
धन निकालने की शिकायत उन्होंने बैंक से की पर बैंक ने कहा कि लेनदेन सही है बैंक कुछ नहीं कर सकता है।
इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया और साक्ष्य प्रस्तुत किए। फोरम के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य पीके चौधरी और लीला जोशी ने दोनों पक्षों को सुना। फोरम ने माना कि यदि बैंक द्वारा उपभोक्ता को एटीएम कार्ड दिया जाता है तो उसकी सुविधा और सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी भी बैंक की है। जबकि इस वाद में बैंक ने ऐसा नहीं किया। शिकायतकर्ता द्वारा बैंक को तुरंत धन निकलने की सूचना देने के बाद भी बैंक ने सीसीटीवी फुटेज से पता नहीं किया कि किस व्यक्ति ने धन निकाला। शिकायकर्ता की शिकायत को बैंक का यह कहकर खारिज कर देना कि लेनदेन सही है, गलत है।
बैंक ने कहा कि शिकायतकर्ता के एटीएम कार्ड को उसकी पत्नी द्वारा भी प्रयोग में लाया जाता है। इस पर फोरम ने कहा कि भारतीय समाज में पति-पत्नी अपने एटीएम कार्ड को आपस में प्रयोग में ला सकेत हैं और लाते भी हैं, परंतु बैंक इस कारण अपनी सेवाओं में कमी नहीं कर सकता है। फोरम ने आदेश दिया कि भारतीय स्टेट बैंक स्याल्दे शिकायतकर्ता को 80 हजार रुपये और वाद व्यय के पांच हजार रुपये अदा करे।