गोविंदी देवी की मौत के बाद जागे वन विभाग ने बमन गांव को शिकारियों की छावनी में तब्दील कर दिया है। यहां सक्रिय तेंदुए को मारने के लिए लखपत के साथ ही गांव में चार स्थानीय शिकारियों को तैनात किया गया है। शिक्षण संस्थाओं को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
बमन गांव में रविवार की रात को 70 वर्षीय गोविंदी को तेंदुए ने शिकार बनाया था। शिकारी लखपत सिंह रावत ने रविवार की रात को उसी मकान के निकट मोर्चा संभाला जहां गोविंदी देवी का शव रखा गया था। लखपत के मुताबिक रात को उस क्षेत्र में कहीं भी तेंदुए के गुर्राने की आवाज या किसी भी तरह की अन्य हलचल नजर नहीं आई। रात को लोगों के शोर के चलते तेंदुआ सतर्क हो गया होगा। उन्होंने बताया कि स्वभाव के अनुरूप तेंदुआ कुछ दिन तक बमन गांव में नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात को बमनगांव से लगे सीमापानी में मोर्चा संभाला जाएगा।
क्षेत्रवासियों की मांग तथा प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद डीएफओ प्रवीण कुमार ने मुख्य शिकारी लखपत सिंह रावत के अलावा चार स्थानीय शिकारियों को भी तेंदुए को मारने की अनुमति दे दी है। इनमें बैरती के हरीश आर्या, सीमापानी के गंगासिंह, विजयपुर द्वाराहाट के धनसिंह तथा खोलियाबांज के राजेंद्र सिंह शामिल हैं। एसडीएम रजा अब्बास ने स्थानीय शिकारियों के तैनात किए जाने की पुष्टि की।
तेंदुए के आतंक को देखते हुए उपजिलाधिकारी रजा अब्बास ने महाकालेश्वर में स्थित राजकीय इंटर कालेज, प्राथमिक स्कूल तथा शिशु मंदिर को बंद रखने के आदेश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है। जीआईसी महाकालेश्वर के प्रधानाचार्य जीएस घुघत्याल ने बताया कि उनके स्कूल में बमनगांव और सीमापानी गांव के करीब दो दर्जन बच्चे पढ़ते हैं। गत 17 दिसंबर को सीमापानी में हुई घटना के बाद से ही संबंधित गांव के बच्चों को दो बजे ही छुट्टी दे दी जाती है ताकि वे अंधेरा होने से पहले घर पहुंच जाएं। बच्चों को समूह में भेजा जाता है।
तेंदुए का शिकार बनी महिला के शव
का गांव में ही हुआ पोस्टमार्टम
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत बमनगांव में तेंदुए का शिकार हुई वृद्धा के शव का पोस्टमार्टम वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रानीखेत से पहुंची चिकित्सकों की टीम ने गांव में ही किया। बाद में द्वाराहाट के बिमांडेश्वर शमशान घाट में गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वन विभाग ने भी प्रभावित परिवार को त्वरित सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए दिए और बाद में पौने तीन लाख रुपये देने का इरादा जताया।
ग्राम पंचायत बमनगांव में रविवार को देर शाम तेंदुए के हमले में जान गंवा चुकी गोविंदी देवी (70 वर्ष, पत्नी तारादत्त जोशी) का पोस्टमार्टम रानीखेत से आई चिकित्सकों की टीम ने गांव में ही किया। द्वाराहाट के बिमांडेश्वर शमशान घाट में मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान विधायक महेश नेगी, एसडीएम रजा अब्बास, डीएफओ प्रवीण सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी पृथ्वीपाल सिंह, वन क्षेत्राधिकारी हरीश सिंह खर्कवाल, प्रधान राधिका देवी, मदन राम, मदन जोशी, चंदन भंडारी सहित भरी संख्या में ग्रामीण आदि मौजूद थे। वन क्षेत्राधिकारी हरीश खड़कवाल ने बताया कि प्रभावित परिवार को त्वरित सहायता के रूप में पच्चीस हजार रुपये की राशि दे दी गई है। शेष पौने तीन लाख रुपये बाद में दिए जाऐंगे। विधायक महेश नेगी ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि तेंदुए के मारे जाने तक शिकारियों की टीम गांव में ही रहेगी।
सड़क होती तो यह दिन न देखने पड़ते
- गांव के लिए सड़क बन गई होती तो लोगों को यह दिन नहीं देखने पड़ते। सड़क न होने से गांव से भारी पलायन हो गया। महाकालेश्वर से घने जंगलों के बीच बमन गांव की पैदल दूरी करीब दो किलोमीटर तथा सीमापानी की दूरी पांच किलोमीटर है। इससे खतरा बना रहता है। -राधिका देवी, ग्राम प्रधान