बग्वाई कौतिक में कार्यक्रम पेश करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
दीपावली के अवसर पर बग्वालीपोखर में ऐतिहासिक बग्वाई कौथिक रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुरू हो गया है। इस तीन दिवसीय कौथिक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रहेगी। मेले का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री अजय टम्टा ने मेलों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि मेले प्राचीन संस्कृति से रूबरू कराते हैं। इस तरह के उत्सवों के माध्यम से युवाओं को भी अपनी परंपरा को सीखने का मौका मिलता है। केंद्रीय मंत्री टम्टा और विधायक महेश नेगी ने बग्वाल स्मारिका का भी विमोचन किया। स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से जमकर समा बांधा।
उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री ने सभी से प्राचीन उत्सवों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी ने भी बग्वाई कौतिक की महत्ता बताई। कहा कि इससे युवाओं को प्राचीन परंपरा को जानने का मौका मिलेगा। भविष्य में इसे भव्य रूप दिया जाएगा। बग्वाली मेला समिति की तरफ से पहली बार प्रकाशित स्मारिका बग्वाल का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक का संपादन डॉ. दीपक मेहता ने किया है। पहले दिन दीक्षा मांटेसरी स्कूल, दिव्य ज्योति पब्लिक स्कूल, विद्या मंदिर इंटर कालेज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। लोक गायक प्रताप सिंह शाही टाइगर और नंद लाल ने कुमाऊंनी तथा गढ़वाली गीतों के माध्यम से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। गेवाड़ घाटी सांस्कृतिक टीम ने लोकगीतों की प्रस्तुति दी। कुमाऊंनी कवि शंकर दत्त जोशी ने एकल काव्य पाठ किया। कलाकारों ने बगी छ गगासा पाड़ी छ सुसाटा जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
दल बल के साथ निभाई ओड़ा भेंटने की रस्म
द्वाराहाट। बग्वाई कौतिक में ओड़ा भेटने की रस्म भी है। भंडर गांव से थोकदार और पधान परिवार के मुखियाओं के नेतृत्व में दल बल के साथ ओड़ा भेंटा गया। मेले को सफल बनाने में सूबेदार मेजर हरी सिंह भंडारी, प्रमोद जोशी, त्रिभुवन बिष्ट, डॉ. संतोष बिष्ट, डॉ. दीपक मेहता, अजय नेगी, बलवीर भंडारी, अर्जुन बिष्ट, विनोद अधिकारी, जीवन अधिकारी, कुंदन सिंह, जगत भंडारी आदि सहयोग कर रहे हैं। संचालन डा. संतोष बिष्ट और रानी पाठक ने किया।