रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के दूर दराज के ग्रामीणों को इन दिनों बिजली के बिल जमा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देहोली, कालनू सहित कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में विद्युत विभाग के कर्मचारी हर महीने बिल जमा कराने के लिए चौबटिया आ जाते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद कर्मचारी बिल जमा करने नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई है।
देहोली, कालनू, सिवाली, गाड़ी, चौना, भड़गांव आदि तहसील के सुदूरवर्ती गांव हैं। यहां से रानीखेत बाजार आने-जाने में ग्रामीणों को 60 रुपये तक किराया देना पड़ता है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से पूर्व की व्यवस्था बहाल कर ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ सौरभ जोशी ने बताया कि कोरोना के चलते भीड़ एकत्रित न हो, इसलिए कर्मचारियों को वहां नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बिल जमा करने की व्यवस्था है। किसी भी सीएससी से बिल जमा हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों को परेशानी हो रही है तो चौबटिया जाकर शिविर लगाया जाएगा।