रानीखेत (अल्मोड़ा) विकासखंड ताड़ीखेत के राजकीय इंटर कॉलेज चौमूधार की कक्षा नौ की छात्रा बबीता परिहार को मंगलवार को एक दिन के लिए रानीखेत की संयुक्त मजिस्ट्रेट बनने का मौका मिला। यह सम्मान उन्हें 14 दिसंबर को आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर दिया गया।
प्रतियोगिता का आयोजन संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद की ओर से किया गया। इसमें ताड़ीखेत ब्लॉक के स्कूलों से छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में छावनी एकल सभासद मोहन नेगी, एई मुकुल सती और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने बबीता की उपलब्धि की सराहना की और संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत की पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया। एसडीएम पद पर बैठते ही बबीता को बधाई देने, सम्मानित करने वालों का तांता लग गया। बबीता ने जनसमस्याएं भी सुनीं। मजखाली से पहुंचे लोगों ने आधार कार्ड से संबंधित समस्या उठाई। लोगों ने अलाव जलाने की भी अपील की। जीआईसी चौमूधार में स्थायी प्रधानाचार्य नियुक्त करने की मांग भी उठी। उन्होंने अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश जारी किए। इस दौरान बबीता को प्रशासनिक अधिकारी पद का पूरा प्रोटोकॉल दिया गया। संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने कहा कि यह पहल बच्चों को प्रशासनिक कार्यों के प्रति जागरूक करने और उनके आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई।
संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य
रानीखेत। बबीता परिहार सरकारी वाहन से कार्यालय पहुंचीं और प्रशासनिक कार्यों का अनुभव लिया। उन्होंने जनसमस्याएं सुनीं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा की। बबीता ने बताया कि यह अनुभव उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक रहा। इस पहल का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को प्रशासनिक कार्यों के प्रति जागरूक करना और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करना है।
एसडीएम बनी बबीता ने किया तहसील का निरीक्षण
रानीखेत। एक दिन की एसडीएम बनी बबीता ने तहसील का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। उन्होंने सबसे पहले जनाधार केंद्र का निरीक्षण कर प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया समझी। इसके बाद तहसील में राजस्व संबंधी कार्यों और रजिस्ट्रार केंद्र में रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी ली। पूर्ति विभाग में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी जानी। इससे पहले बबीता ने शिक्षा विभाग व तहसील कर्मियों संग बैठक कर परिचय प्राप्त किया।
आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखती हैं बबीता
रानीखेत। एक दिन की एसडीएम बनी बबीता ने कहा कि वह भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर समाज सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने समाज के विकास के लिए काम करने और महिलाओं को मुख्य धारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई। बबीता ने ‘नव चेतना’ मुहिम की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला कदम बताया।
मिशन नवचेतना के तहत बच्चों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बबीता, जिनका स्वयं का सपना आईएएस बनने का है, ने प्रशासनिक गतिविधियों को करीब से देखा और समझा। यह उनके और अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। अब ऐसी प्रतियोगिताएं नियमित रूप से हर महीने आयोजित की जाएंगी ताकि बच्चों को अपनी क्षमताओं को पहचानने का मौका मिल सके।
-राहुल आनंद, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत।
बेटी के एसडीएम बनने पर गर्व, मिशन नवचेतना को सराहना
रानीखेत। बबीता को एक दिन की एसडीएम बनते देख उनके परिजन प्रफुल्लित हो गए। उनकी माता आशा देवी और पिता भगवत सिंह परिहार ने संयुक्त मजिस्ट्रेट की नव चेतना मिशन पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सरकारी स्कूलों के बच्चों का जीवन स्तर सुधारने और उनके भविष्य को बेहतर बनाने में कारगर साबित होगी। अब हर महीने सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर अव्वल छात्र-छात्रा को एक दिन का एसडीएम बनाया जाएगा। संवाद
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद