त्रिभुवन चैतन्यपुरी का फाइल फोटो।
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थाना लमगड़ा के अंतर्गत डोल गांव में स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर में रहने वाले त्रिभुवन चैतन्यपुरी उर्फ 1008 स्वामी परमानंदपुरी (मूल नाम भुवन चंद्र फुलारा) का शव पास में स्थित एक पानी के कुंड में बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि पिछले करीब दस दिन से लापता बाबा की हत्या कर शव पानी में फेंक दिया गया होगा। पुलिस क्षेत्राधिकारी कमल राम आर्या, थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट के साथ ही फोरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया है। पंचनामे के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 32 वर्षीय त्रिभुवन चैतन्यपुरी (भुवन चंद्र फुलारा) पुत्र गोविंद बल्लभ फुलारा नैनीताल जिले के धारी तहसील के कौडार गांव के रहने वाले थे।वह करीब डेढ़ साल से विष्णु मंदिर कीधर्मशाला में रह रहे थे और करीब 10 दिन से लापता थे। जब लोगों ने कुछ दिनों से बाबा को नहीं देखा तो पुलिस को सूचना दी। शनिवार को मोरनौला चौकी से पहुंची पुलिस ने बाबा की तलाश की तो मंदिर के निकट पानी के कुंड में उनका शव बरामद हुआ।
सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी कमल राम आर्या ने भी मौका मुआयना किया। थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि शव पूरी तरह गल चुका है। इस कारण चोट आदि के निशान का पता नहीं चला। पुलिस के मुताबिक बाबा की किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हो सकेगा। सूचना मिलने पर धारी से बाबा के परिजन भी मौके की ओर रवाना हो गए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।