बैठक में मौजूद मंत्री रेखा आर्य और डीएम सविन बंसल।
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अधिकारियों के साथ सोमवार देर रात तक चली बैठक में महिला, बाल कल्याण और पशुपालन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्या और डीएम सविन बंसल के बीच तल्ख संवाद से अफसर सन्न रह गए। मंत्री ने डीएम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें दबाव में लेने का प्रयास किया लेकिन जिलाधिकारी सविन बंसल ने कह दिया कि अगर उनकी कार्यशैली पसंद नहीं हो तो तबादला करवा दें। वह जाने को तैयार हैं। पशुपालन मंत्री ने जिले में दर्ज कुछ मामलों का स्टेटस जानना चाहा तो जिलाधिकारी ने मंत्री से साफ कहा कि ऐसे गोपनीय मामलों की जानकारी सिर्फ मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और गृह सचिव को ही दी जा सकती है।
मंत्री बनने के बाद पहली बार अल्मोड़ा पहुंचीं रेखा आर्या ने सोमवार देर शाम पुलिस प्रशासन औरविभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। शुरुआत में मंत्री ने चुनाव के दौरान सोमेश्वर में माओवाद के पोस्टर लगने के मामले के साथ ही अपने पति के खिलाफ दर्ज मामले का स्टेटस पूछ लिया। इस पर डीएम सविन बंसल ने जवाब दिया कि ऐसे मामलों की जानकारी मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और गृह सचिव को ही दी जा सकती है। यह बात शायद मंत्री को नागवार गुजरी। उन्होंने डीएम की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि वह जनता के फोन नहीं उठाते।
जवाब में डीएम ने कहा कि इसका जवाब जनता से पूछ लिया जाए। डीएम ने कहा, मैडम अगर मेरी कार्यशैली आपको पसंद नहीं है तो स्थानांतरण करवा दें, मैं जाने को तैयार हूं। डीएम ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप अपने विभागों के अधिकारियों की ही बैठक बुला सकते हैं। सभी विभागों के अफसरों की बैठक बुलाने का अधिकार प्रभारी मंत्री को ही है। बाद में राज्यमंत्री ने डीएम और एसएसपी से अल्मोड़ा में चल रही वन-वे यातायात व्यवस्था को बदलकर पहले की तरह करने को कहा। डीएम और एसएसपी ने इस पर भी इंकार कर दिया। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने सड़क सुरक्षा अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला व्यापक जनहित में लिया गया है। इसे तुरंत नहीं बदला जा सकता। इससे अधिकारियों को व्यक्तिगत कोई लाभ नहीं मिल रहा है। अफसरों के जवाब से मंत्री रेखा आर्या को काफी असहज देखा गया।
मंत्री ने किया वन-वे व्यवस्था का उल्लंघन
अल्मोड़ा। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्या ने सोमवार को अल्मोड़ा में चल रही वन-वे यातायात व्यवस्था का उल्लंघन किया। जानकारी के मुताबिक रेखा आर्या ने अल्मोड़ा पहुंचकर चौघानपाटा में स्थित महात्मा गांधी, भीमराव अंबेडकर, मुंशी हरिप्रसाद टम्टा आदि की मूर्तियों पर माल्यार्पण किया और फिर यहीं से वाहन मोड़कर वापस सर्किट हाउस चली गईं। जबकि वन वे व्यवस्था के मुताबिक उन्हें रोडवेज स्टेशन, लिंक रोड और लोअर माल रोड होकर वापस सर्किट हाउस जाना चाहिए था। मालूम हो कि अल्मोड़ा में चल रही वन-वे यातायात व्यवस्था का खुद डीएम, एसएसपी, जिला जज के अलावा सेना के अफसर तक पालन कर रहे हैं।