इस तरह के होंगे ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन।
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जल्द ही हर ब्लॉक में अब ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और रेनगेज लगाए जाएंगे। उत्तराखंड शासन ने इस संबंध में सभी जिला मुख्यालयों से अपने जिले के प्रत्येक विकासखंड में जमीन की उपलब्धता संबंधी प्रस्ताव मांग लिए हैं। ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और रेनगेज लगने से बारिश के अनुमान के साथ ही हवा की गति, आर्द्रता और तापमान की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अभी तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा तहसीलों में स्थापित वर्षामापी यंत्र से केवल वर्षा के आंकड़े ही मिल पाते थे।
उत्तराखंड डिजास्टर रिकवरी परियोजना के अंतर्गत कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र और भारत मौसम विज्ञान केंद्र के सहयोग से राज्य के सभी जिलों के विकासखंडों में स्वचालित मौसम स्टेशन और स्वचालित वर्षामापी यंत्र लगाए जाने हैं। सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने जिला मुख्यालयों से अपने जिले के विकासखंडों में जमीन की उपलब्धता संबंधी प्रस्ताव भी मांग लिए हैं। इन स्वचालित यंत्रों की स्थापना से जहां मौसम के पूर्वानुमान का पता लग सकेगा वहीं तापमान, आर्द्रता, वर्षा का दबाव, बर्फबारी, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, हवा की गति और दिशा आदि के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी।
इन यंत्रों में लगे सेंसरों के माध्यम से सारा डाटा जिले में स्थापित आपदा प्रबंधन इकाई एवं मौसम विज्ञान केंद्र को सीधे ट्रांसफर हो जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने बताया कि शासन स्तर पर सभी जिलों में लगाने के लिए यंत्रों की खरीदने की निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं। जल्द ही इन यंत्रों को जिले के विकासखंडों में स्थापित कर लिया जाएगा। एडीएम केएस टोलिया ने बताया कि वेदर स्टेशन और रेनगेज लगाने की तैयारी चल रही है जल्द ही यंत्र सभी ब्लॉक मुख्यालयों में स्थापित कर दिए जाएंगे।
रानीखेत में लगेगा बर्फमापी यंत्र
अल्मोड़ा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के निर्धारित स्थानों में स्वचालित बर्फमापी यंत्र भी लगाए जाने हैं। अल्मोड़ा जिले में स्वचालित बर्फमापी यंत्र रानीखेत में लगाया जाना प्रस्तावित है। सचिव आपदा प्रबंधन ने बर्फमापी यंत्र की स्थापना के लिए स्थान चिन्हित करने और इस संबंध में प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।