अल्मोड़ा। मुक्केबाजी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर पहचान बनाने का सपना देख रहे जिले के खिलाड़ियों को बड़ा झटका लगा है। जिला खेल कार्यालय में तैनात बॉक्सिंग के एकमात्र स्थायी सहायक खेल प्रशिक्षक का हल्द्वानी स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके जाने के साथ ही खेल कार्यालय में अब बॉक्सिंग का कोई भी स्थायी प्रशिक्षक नहीं है। इससे खिलाड़ियों के लिए अनुभवी प्रशिक्षक के बिना खेल की बारीकियां सीखना चुनौती बन गया है।
अल्मोड़ा खेल कार्यालय में तैनात स्थायी बाक्सिंग कोच लंबे समय से जिले में मुक्केबाजों की नर्सरी तैयार करने में जुटे थे। उनसे प्रशिक्षण पाकर कई खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। ऐसे में अनुभवी स्थायी कोच के हल्द्वानी तबादला होने से अब खिलाड़ियों के चेहरे पर मायूसी है। बगैर अनुभवी कोच के खिलाड़ियों के प्रतियोगिताओं की तैयारी करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। इन हालात में अब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए संविदा प्रशिक्षकों पर निर्भर रहना पड़ेगा। इसका सीधा असर उभरती प्रतिभाओं के खेल पर पडे़गा।
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उप क्रीड़ा अधिकारी का भी हुआ तबादला
जिला खेल कार्यालय अल्मोड़ा में तैनात उप क्रीड़ा अधिकारी का पिथौरागढ़ स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके तबादले के बाद फिलहाल कार्यालय में उप क्रीड़ा अधिकारी का पद रिक्त हो गया है। ऐसे में कर्मचारियों को खेल गतिविधियों के संचालन और प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
22 संविदा कोच 15 खेलों का देंगे प्रशिक्षण
-खेल कार्यालय में बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, फुटबॉल, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, कराटे समेत 15 खेल संचालित होते हैं। लेकिन किसी खेल में स्थायी प्रशिक्षक तैनात नहीं है। ऐसे में खेलों में भविष्य तलाश रहे खिलाड़ियों की चिंता बढ़ने लगी है। वर्तमान में यहां विभिन्न खेलों के प्रशिक्षण देने के लिए 22 संविदा कोच तैनात हैं।
कोट
- खेल कार्यालय में तैनात उप क्रीड़ा अधिकारी और सहायक खेल प्रशिक्षक का स्थानांतरण अन्य जिलों में हुआ है। रिक्त पदों पर नियुक्ति शासन स्तर से होगी। नई तैनाती होने तक प्रशिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
- महेशी आर्या, जिला क्रीड़ा अधिकारी अल्मोड़ा