केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत स्वदेश दर्शन योजना के तहत जागेश्वर धाम क्षेत्र के सुंदरीकरण और विकास के कार्य अधर में लटक गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) से विकास कार्यों के लिए अनुमति नहीं मिलने से योजना के अंतर्गत कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। जिस कारण जागेश्वर धाम आने वाले भक्तों और पर्यटकों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत जागेश्वर धाम, कटारमल मंदिर, बैजनाथ मंदिर और देवीधूरा को शामिल किया है। चारों धार्मिक स्थानों के विकास के लिए लिए केंद्र सरकार ने कुल 16 करोड़ रुपये भी गत वर्ष स्वीकृत कर दिए थे।
जागेश्वर धाम क्षेत्र में पार्किंग, जटागंगा नदी में घाट निर्माण, बैठने के लिए बैंच, आरतोला में गेट निर्माण समेत सुंदरीकरण के कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन अब तक यह कार्य धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। हालांकि जागेश्वर धाम से करीब तीन किमी पहले आरतोला में गेट का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इसके अलावा क्षेत्र में अन्य विकास कार्य एएसआई की मंजूरी नहीं मिलने पर प्रारंभ ही नहीं हो पाए हैं। मालूम हो कि ऐतिहासिक धरोहरों के सौ मीटर परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। जिस कारण जागेश्वर क्षेत्र के विकास कार्य धनराशि मंजूर होने के बाद प्रारंभ ही नहीं हो पाए हैं। जिससे यहां आने वाले भक्त और पर्यटक बेहतर सुविधाओं से वंचित चल रहे हैं।
एएसआई से अनुमति नहीं मिलने के कारण स्वदेश दर्शन योजना के कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अनुमति के लिए एएसआई को पत्र भेजा गया है।
- कीर्ति चंद्र आर्य, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, अल्मोड़ा।