उत्तराखंड क्रांति दल ने गैरसैंण विधानसभा सत्र मात्र दो दिन में ही स्थगित करने की कड़ी निंदा की है। पार्टी की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राजधानी गैरसैंण पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों की नियत साफ नहीं है। यह दोनों दल गैरसैंण को विवादित बनाना चाहते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि संवैधानिक बाध्यता, मजबूरी में सरकार ने गैरसैंण में सत्र आयोजित किया लेकिन सत्र की अवधि निश्चित नहीं की। वहीं विपक्ष दल भाजपा ने सरकार की अनुपूरक मांगों, घोटालों पर कांग्रेस को घेरने के बजाए हंगामा कर सदन नहीं चलने दिया। सरकार ने बिना बहस के अनुपूरक बजट सहित अन्य प्रस्ताव पारित कर दिए।
सत्र में दोनों दलों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ तो पूरे कर लिए लेकिन जनता के हाथ निराशा लगी। जनता के खून पसीने की कमाई का दुुरुपयोग हुआ। उन्होंने जागेश्वर योग महोत्सव को सत्ताधारी दल कांग्रेस का राजनीतिक महोत्सव बताते हुए कहा कि योग, आध्यात्म, धर्म नितांत व्यक्तिगत मामले हैं।
इसलिए सरकारी धन से इसे आयोजित करना निंदनीय है। पार्टी ने क्षेत्र में किए गए स्थायी, अस्थायी निर्माण कार्यों की जांच की भी मांग की। राज्य आंदोलनकारी केशी राम की हत्या पर शोक जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गई है।
उक्रांद के पूर्व जिलाध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी ललित सिंह धपोला के निधन पर भी शोक जताया गया। बैठक में महेश परिहार, ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, मुमताज कश्मीरी, किशोरी लाल वर्मा, गोपाल मेहता, महेश पांडे, संजय कुमार, मुमताज कश्मीरी, आनंदी महरा आदि ने विचार रखे।