सल्ट तहसील परिसर में धरना देती आशा कार्यकर्ता
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। 10 सूत्री मांगों के समाधान के लिए उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने मंगलवार को द्वाराहाट तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। समाधान नहीं होने पर प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी। यूनियन ने आशाओं को न्यूनतम वेतन और कर्मचारी का दर्जा देने व वर्ष 2021 में डीजी हेल्थ की ओर से प्रस्तावित 11,500 रुपये मासिक मानदेय लागू करने की मांग की। सेवानिवृत्ति पर पेंशन और तब तक 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने, लंबित भुगतानों का हर माह निस्तारण और प्रशिक्षण व पल्स पोलियो अभियान में 500 रुपये प्रतिदिन भुगतान की मांग भी उठाई। इसके अलावा अस्पतालों में सम्मानजनक व्यवहार, विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद भरने, आशा घर बनाने, एनएचएम का बजट बढ़ाने और आशाओं की छंटनी रोकने की मांग की गई। धरने में ललिता मठपाल, प्रेमा किरौला, सावित्री भट्ट, निर्मला देवी, पुष्पा त्रिपाठी, कमला बिष्ट, कमला देवी, गीता देवकुटी, शोभा जलाल, आशा देवी, इला अधिकारी, उषा चौधरी आदि मौजूद रहीं।
आशा कार्यकर्ताओं का सल्ट तहसील में धरना
मौलेखाल(अल्मोड़ा)। विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सल्ट तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। ऐक्टू के बैनर तले प्रदर्शन कर आशाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन को सौंपा। उन्होंने मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर एक अक्तूबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। ब्लॉक प्रमुख कंचन रावत और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमित पाल रावत ने धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया। आशाओं ने हर मंगलवार को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी। संवाद