सरकार की वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए क्षेत्र की आशा कार्यकत्रियों ने यहां प्रदर्शन किया। कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद कार्यकत्रियों को मासिक मानदेय के नाम पर ढेला भी नसीब नहीं हो रहा है।
मुख्यमंत्री आश्वासनों के माध्यम से बार बार गुमराह कर रहे हैं।प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि आशाएं पल्स पोलियो अभियान, परिवार कल्याण, मलेरिया सर्वे, ओआरएस वितरण, महिला हिंसा पर नजर रखने, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की सर्वे से लेकर आपदा प्रशिक्षण सहित तमाम कार्य करती हैं। लेकिन कार्यकत्रियों को न तो अभी तक स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही मासिक वेतन के नाम पर ढेला। न्यूनतम वेतन देने की मांग को बार बार लटकाया जा रहा है।
बाद में मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि सरकार की हठधर्मिता को कार्यकत्रियों कतई सहन नहीं करेंगी। इसके लिए व्यापक आंदोलन किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में उषा मेहरा, मीना बिष्ट, हेमलता देव, प्रेमा सुयाल, गोदावरी देवी, नीमा विरोड़िया, राधा देवी, सरोज चौधरी, लीला रावत, जया जोशी, गरिमा शाह, विमला आर्य, उमा आर्य, मंजू, गीता सहित तमाम कार्यकत्रियां शामिल थी।