चौघानपाटा में धरने के दौरान नारेबाजी करती आशा वर्कर्स।
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अल्मोड़ा। आशा हेल्थ वर्कर्स ने धरना देकर आंध्र प्रदेश की तरह राज्य में भी आशाओं को दस हजार रुपये राज्यमद से देने की मांग की है। गांधी पार्क में धरना देते हुए उन्होंने वार्षिक प्रोत्साहन राशि को पूर्व की तरह देने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन का प्रावधान करने तथा और मासिक मानदेय दो हजार रुपये को तत्काल आशाओं को खाते में डालने की मांग की है। मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
चौघानपाटा में आयोजित धरने देकर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार के तमाम अभियान और सर्वे आशाओं के दम पर ही संचालित हो रहे हैं। आशा वर्कर्स का कार्य आकस्मिक सेवा की तरह है जो दिन-रात गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा के दौरान समुचित सहायता पहुंचाती हैं। इसके बावजूद भी आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा प्राप्त नहीं है।
बाद में उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में आशाओं की विभिन्न मदों की बकाया राशि का भुगतान करने, सभी सरकारी अस्पतालों में महिला और बाल रोग विशेषज्ञ के साथ सर्जन नियुक्त करने की मांग की। धरने पर ब्लॉक अध्यक्ष ललिता देवी, कोषाध्यक्ष कमला रावत, ममता तिवारी, पूजा बगडवाल, दुर्गेश्वरी अधिकारी, भगवती कपकोटी, हेमा नगरकोटी, खष्टी कनवाल, दीपा, प्रेमा बिष्ट, तारा मेहता, गीता, पुष्पा, नीतू कांडपाल, श्यामा रावत आदि बैठीं।
उधर मौलेखाल में आशा कार्यकर्ताओं ने नौ अगस्त से चल रहे संगठित रहो, प्रतिरोध करो अभियान के समापन पर मौलेखाल बाजार से तहसील मुख्यालय तक रैली निकाल प्रदर्शन किया।