फोटो- 28एएलएम 01पी- भतरौंजखान में भेड़ों के साथ मैदान की ओर निकलते भेंड पालक। संवाद
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। पहाड़ी क्षेत्रों में पाला गिरने से ठंड का सितम बढ़ गया है। पहाड़ में ठंड अधिक होने से स्थानीय भेड़ पालक अब अपनी हजारों भेड़ों के साथ मैदानी क्षेत्रों की ओर निकले पड़े हैं। भेड़ें पूरे साल पहाड़ के घने जंगल में चरती हैं और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने से भेड़ पालक उन्हें मैदानी की ओर ले जाते हैं ताकि भेड़ों पर बढ़ती सर्दी का असर न पड़े।
भेड़ पालक करण सिंह ने कहा कि उनके पास एक हजार से अधिक भेड़ें हैं, इनसे उन्हें हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक आमदनी होती है। कहा कि अगर सरकार से भेड़ पालकों को सहयोग मिले तो यह पहाड़ के युवाओं के लिए स्वरोगार का अच्छा विकल्प बना सकता है। इससे पहाड़ की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यहां के पशुपालक प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर आज भी अपनी परंपराओं को संजोए हुए है।