अरुणाचल प्रदेश से लीसा निकालने का काम करने आए पांच मजदूरों ने मंगलवार की शाम को निकटवर्ती सैजारी गांव से लगे एक जंगल में गाय की एक बड़ी बछिया को मार डाला और फिर उसका गोश्त खा लिया। घटना की जानकारी मिलने पर गांव के कई लोगों ने जंगल में पहुंचकर पांचों मजदूरों को घेर लिया और उनकी पिटाई की। इस बीच पुलिस मौके पर पहुंचकर मजदूरों को छुड़ा लाई।
बाद में सोमेश्वर बाजार में विहिप और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने मजदूरों को ला रही पुलिस की कार को घेर लिया। नाराज लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों पर कालिख पोतने पर अड़ गए। जिससे करीब डेढ़ घंटे तक बाजार में अफरा तफरी मची रही। बाद में लोगों ने थाने में भी प्रदर्शन किया। पांचों मजदूरों को गिरफ्तार करने के बाद लोग किसी तरह शांत हुए। तनाव को देखते हुए रानीखेत से डीएसपी एनएस नबियाल भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सैजारी गांव निवासी गोपाल सिंह राणा के पालतू पशु जंगल में चरने गए थे।
बताया गया है कि जंगल में लीसा निकालने का काम करने वाले अरुणाचल के पांच मजदूरों ने गोपाल सिंह की एक बड़ी बछिया को पकड़ लिया और बाद में मारकर उसका गोश्त खा गए। इस बीच शाम को किसी ग्रामीण ने मजदूरों को बछिया को जलाते देख लिया। बुधवार सुबह बछिया स्वामी ने पुलिस को सूचना दी।
इस बीच कई ग्रामीण जंगल में पहुंच गए और उन्होंने पांचों मजदूरों को घेरकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। तब तक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और किसी तरह मजदूरों को छुड़ाकर साथ ले आई। घटना की जानकारी मिलने पर विहिप, बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ता बाजार में एकत्र हो गए और उन्होंने मजदूरों को लेकर आ रही जीप को रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वह बछिया को मारकर खाने वाले मजदूरों को कालिख पोतकर बाजार में घुमाएंगे। इस बीच कुछ लोग कालिख पोतने के लिए काला रंग लेकर भी पहुंच गए। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस के समझाने के बाद भी लोग शांत नहीं हुए। नाराज लोगों ने पुलिस की कार में भी काला रंग पोत दिया और कार के भीतर बैठे आरोपियों पर काला रंग डालने लगे। इसके चलते पुलिस कर्मियों के कपड़े भी खराब हो गए। प्रदर्शन के चलते बाजार में काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार गौरी दत्त तिवारी और थानाध्यक्ष केआर आर्या लोगों को समझाकर आरोपियों को थाने ले आए। बाद में प्रदर्शनकारी थाने में ही पहुंच गए और थाना घेरकर नारेबाजी करने लगे। इस बीच रानीखेत से डीएसपी एनएस नबियाल भी पुलिस फोर्स के साथ थाने पहुंच गए। इसके बाद लोगों को थाने से हटाया गया। पुलिस ने बताया कि बछिया को मारने के आरोपी विजय मजबू पुत्र तेनजन, अनी बइंग पुत्र भंजय, अशोक हगम पुत्र दुर्गी हगम, केंडल लाली पुत्र डिजमिनी लाली और पेमा छिलिंग पुत्र वाकड़ी (सभी निवासी बमबिला अरुणाचल प्रदेश) को धारा 3/11 उत्तराखंड गौवंशीय संरक्षण अधिनियम और धारा 429 के तहत मामला दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जंगल से मिले बछिया के शव के अवशेषों का पोस्टमार्टम भी करवा दिया है। मौके से एक कुल्हाड़ी और खुकरी भी बरामद हुई है।