मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करते कलाकार।
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अगनेरी मंदिर परिसर में मुख्य मेले के साथ ही सांस्कृतिक मंच पर रंगारंग कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। दिल्ली से आए गेवाड़ सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस दौरान गायकों के भजनों में लोग खड़े होकर थिरकते रहे।
अगनेरी मंदिर परिससर के निकट सांस्कृतिक मंच पर पांचवें दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा। दिल्ली से आए गेवाड़ सांस्कृतिक कला मंच के कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम ने राज जात यात्रा नंदा-सुनंदा से कार्यक्रम की शुरुआत की।
कलाकारों ने तू दैंण है जैए ओ अगनेरी मय्या, जय मा हो दुर्गा भवानी हाथ जोड़ी पूजा करूला सहित कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शिवदत्त पंत ने दैण है जैए मेरी अगनेरी माता, गोपाल मठपाल ने त्य रूप कतृ भल लागूं छ, अमीत बिष्ट ने हे कान्हा, नैन नाथ रावल ने चौखुटिया बाजार कमला न मार लटका गीत प्रस्तुत किया। इसके अलावा रेशमा साह, दीप पंत, भुवन गोस्वामी, रमेश गोस्वामी आदि ने भी लोकगीत गाए। नृत्य कलाकारों में ललित धौलाखंडी, जयपाल नेगी, पुष्कर रावत, मनोज कुमार, बबीत कसन्याल, कोमल नेगी, चांदनी, सुनीता, दीपा ममता, सोनू, किशोर व राहुल शामिल थे। मेला कमेटी की ओर से डा. कुलदीप बिष्ट ने दिल्ली से सांस्कृतिक टीम को लेकर पहुंचे मुख्य संयोजक दिनेश फुलारा का विशेष आभार जताया। संचालन शिवदत्त पंत ने किया।