अल्मोड़ा के चौघानपाटा में झोड़ा गाकर विरोध जताते कलाकार।
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अल्मोड़ा महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को मानदेय नहीं देने के फैसले से नाराज लोक कलाकारों ने शनिवार को कुमाऊं लोक कलाकार महासंगठन के बैनर तले चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने चौघानपाटा में जिला प्रशासन का पुतला दहन कर अल्मोड़ा महोत्सव का बहिष्कार करने का एलान किया। कलाकारों ने कुमाऊंनी झोड़ा गाकर विरोध जताया। अल्मोड़ा महोत्सव 20 से 22 अक्तूबर तक होगा।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि महोत्सव को लेकर गत दिवस जिला प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक में जिला प्रशासन द्वारा दो टूक कहा गया कि किसी भी स्थानीय कलाकार को मानदेय नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टार नाइट में महानगरों से कलाकारों को बुलाया जा रहा है। उन्हें अग्रिम बुकिंग का एडवांस दे दिया गया है। संगठन के महासचिव गोपाल सिंह चम्याल ने कहा कि स्थानीय लोक कलाकारों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ संगठन आमरण अनशन करने को बाध्य होगा। संगठन के अध्यक्ष शेखर जोशी ने बताया कि सात अक्तूबर को कलाकार नुक्कड़-नाटक, झोड़ा, छपेली, जन गीतों के माध्यम से विरोध जताएंगे। नौ अक्तूबर को प्रदेश भर के लोक कलाकार अल्मोड़ा में एकत्रित होंगे और दस अक्तूबर को चक्काजाम करेंगे। धरना और पुतला फूंकने वालों में कुंवर राज, दयानंद कठैत, दीपक पांडेय, भावना नगरकोटी, ममता वाणी, विमला बोरा, पूरन बोरा, पूजा गोस्वामी, नरेश बिष्ट, विक्रम जय सिंह, अमर सिंह, अरशद अंसारी, विनोद राम आदि शामिल थे।