संस्कृति विभाग देहरादून, गीत नाट्य प्रभाग लखनऊ द्वारा पूर्व से पंजीकृत लोक दलों का पुन: ऑडीशन लेने के प्रयासों का कलाकारों ने विरोध किया है। कुमाऊं लोक कलाकार महासंगठन के बैनर तले नाराज लोक कलाकारों ने रविवार को नगर के चौघानपाटा में संस्कृति विभाग देहरादून का पुतला फूंका और नारेबाजी कर विरोध जताया।
वक्ताओं ने कहा कि संस्कृति विभाग देहरादून, गीत नाट्य प्रभाग लखनऊ द्वारा पूर्व से पंजीकृत लोक दलों का ऑडीशन लिया जाना सुनिश्चित किया गया है जो लोक कलाकारों के हितों के विपरीत है। पूर्व में कई लोक दलों को जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा का झांसा देकर विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। कई वर्षों से लोक दलों के कलाकारों का मानदेय नहीं बढ़ पाया है। संघ के अध्यक्ष शेखर जोशी ने कहा कि विभाग ने शीघ्र ऑडीशन साक्षात्कार पर रोक नहीं लगाई तो क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1983 से लोक दल संस्कृति विभाग से पंजीकृत हैं। उन्हीं लोक दलों को पुन: ऑडीशन देने को मजबूर किया जा रहा है, जबकि संस्कृति विभाग का मूल उद्देश्य पेशेवर लोक कलाकारों को मंच दिलाना है।
उन्होंने कहा कि लोक वाद्य यंत्र, विणाई, हुड़का, जौ की मुरली, ढोल-दमाऊ, नगाड़ा, झोड़ा, छपेली, चांचरी, न्योली, भगनौल, बोल रौमल, ऋतु रैना, चैती, जागर, पारंपरिक गीतों के संरक्षण के लिए निदेशालय कोई प्रयास नहीं कर रहा है। पुतला फूंकने वालों में संघ के महासचिव गोपाल सिंह चम्याल, वरिष्ठ रंगकर्मी नवीन बिष्ट, विमला बोरा, शीला पंत, राजेंद्र प्रसाद, संदीप नयाल, दयानंद कठैत, कमल जोशी, महेंद्र, गीता सिराड़ी, नरेश बिष्ट, देवेंद्र भट्ट, यूसुफ तिवारी, सुरेश लाल, लता पांडेय, विनोद कुमार, दीप जोशी आदि मौजूद थे।