रानीखेत से मासी के लिए बनाई गई विद्युत लाइन में आए दिन की खराबी के बावजूद विभाग द्वारा इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। 70 किलोमीटर लंबी लाइन में चौखुटिया व स्याल्दे के सैकड़ों गांवों के साथ ही कई पेयजल योजनाएं जुड़ी हैं।
रानीखेत से चौखुटिया व स्याल्दे ब्लाक के लिए बनाई गई बिजली लाइन में घंटो की खराबी आम बात हो गई है। करीब महीनेभर के भीतर ही लोगों का इस तरह की लंबी कटौती का सामना दूसरी बार करना पड़ा है। लोगों ने इससे पहले भी गर्मियों में कई रातें अंधकार में बिताई हैं।
असल में रानीखेत से मासी के बीच करीब 70 किमी की दूरी पर बिछाई गई इस लाइन में दुर्गम चोटियां, गधेरे तथा घने जंगल हैं। किसी भी स्थान पर पेड़ आदि टूटने से पूरी लाइन बाधित हो जाती है। लंबी दूरी होने के कारण विभाग को फाल्ट ढूंढ़ने में भी काफी समय लग जाता है।
इसी के चलते क्षेत्र की जनता वैकल्पिक लाइन बनाने की मांग करती आ रही है। परंतु इस दिशा में विभागीय अधिकारियों द्वारा ठोस पहल नहीं की गई है, जिसका खमियाजा लोगों को भुगुतना पड़ रहा है।