लोक संस्कृति विरासतीय शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष पूर्व कबीना मंत्री मोहन सिंह रावत गांववासी ने कहा है कि उत्तराखंड, हिमाचल देवभूमि हैं।
2016 में हरिद्वार में होने वाले अर्द्धकुंभ में 21 अप्रैल को उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में देव-देवी डोलियां पहुंचेंगी। 22 अप्रैल को भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी और देव डोलियों का सम्मान होगा।
जीवन पैलेस में पत्रकार वार्ता में गांववासी ने कहा कि प्रदेश में कितने मठ, मंदिर हैं। इनकी संग्रहीत जानकारी नहीं है और न ही कोई वेबसाइट बनी है।
शासन से मांग की गई है कि प्रत्येक गांव के आस्था के केंद्र मंदिरों, लोकसंस्कृति विरासतों के महात्म्य, मेलों की वेबसाइट बनाई जाए, ताकि लोकसांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो और देशी, विदेशी लोग उत्तराखंड आएं। इससे यहां के लोगों का आर्थिक स्तर ऊंचा उठेगा। पलायन पर भी रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि 2010 में हुए महाकुंभ में प्रदेश से सैकड़ों देव-देवी डलियां हरिद्वार पहुंची थी। अर्द्धकुंभ 2016 में 21 अक्तूबर को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों देव-देवी डोलियों, सांस्कृतिक विरासतीय प्रतीकों के साथ हरिद्वार पहुंचेंगी। 22 अप्रैल को प्रात: पांच बजे भव्य शोभायात्रा निकलेगी।
दस बजे पंतदीप में देव-देवी डोलियों का सम्मान कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल से 23 अप्रैल तक देवभूमि में देव महोत्सव रहेगा, जगह-जगह लोग देव-देवी डोलियां का स्वागत करेंगे। महोत्सव के आयोजन से युवा पीढ़ी भी लोक आस्था, संस्कृति के सूत्र में बंधेगी।
इस मौके पर बजरंग दल के प्रदेश सह संयोजक रंदीप सिंह पोखरिया, विहिप जिलाध्यक्ष मंगल सिंह, विभाग संयोजक कृष्णा कांडपाल, प्रकाश लोहनी, योगेश नयाल आदि मौजूद थे।