रानीखेत में छावनी से संपूर्ण आजादी की मांग को लेकर नागरिकों का धरना पिछले 62 दिनों से अनवरत चल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी से संपूर्ण आजादी की मांग को लेकर नागरिकों का धरना पिछले 62 दिनों से अनवरत चल रहा है। आंदोलनकारियों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से इस प्रस्ताव को कैबिनेट में पासकर रक्षा मंत्रालय को भेजने का आग्रह किया है।
गांधी पार्क स्थित धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि लोग छावनी के जटिल कानूनों से त्रस्त हैं। भवन निर्माण, मरम्मत करने की अनुमति तक आसानी से नहीं मिल पाती। इसीलिए आजादी के शीघ्र बाद से ही छावनी क्षेत्र की सिविल एरिया को नगर पालिका बनाने की मांग की जा रही है। इसके लिए कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन सार्थक कार्रवाई नहीं हो सकी है। आंदोलनकारियों ने कहा कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से कैंट को नगर निकायों में मिलाने की कार्रवाई तो की जा रही है। देश की कुछ छावनियों में कार्रवाई हो चुकी है।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार से प्रस्ताव केंद्र को जाना है। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री से इस मसले का प्रस्ताव कैबिनेट में पास कर केंद्र को भेजने की अपील की है। धरने के दौरान गिरीश भगत, हेमंत माहरा, कैलाश पांडेय, खजान जोशी, उमेश भट्ट, विमल सती आदि मौजूद रहे।