चौखुटिया (अल्मोड़ा ) । सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ की बैठक में विक्रेताओं को मानदेय देने, निशुल्क खाद्यान्न वितरण का उचित लाभांश देने, परिवहन व्यय और सामूहिक बीमा करने आदि विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई । मांगों पर कार्रवाई न होने पर सामूहिक त्यागपत्र देने का ऐलान किया गया। इस मौके पर मांगों को लेकर नारेबाजी भी की गई।
लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में संघ के अध्यक्ष दान सिंह कुमयां की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सरकारी गल्ला विक्रेताओं ने एक स्वर से नारेबाजी करते हुए सरकार पर उनका शोषण करने का आरोप लगाया। बैठक में पर्वतीय क्षेत्र के प्रत्येक विक्रेता को प्रतिमाह तीस हजार रुपये का मानदेय देने, प्रधानमंत्री खाद्य योजना के तहत निशुल्क बांटे जाने वाले खाद्यान्न का लाभांश देने, परिवहन और खच्चर व्यय का भुगतान तुरंत करने आदि मांगों पर चर्चा हुई।
बैठक में राशन तोलकर देने की मांग करते हुए कहा गया कि राशन तोलकर न मिलने से दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वक्ताओं ने राज्य लाभांश का निर्धारण केंद्रीय योजना के अनुरूप करने की मांग की। कहा कि एक देश एक राशन कार्ड की बात तो कही जा रही है पर दुकानदारों के लाभांश की एक नीति नहीं बनाई जा रही है। बाद में इस बारे मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को भेजे ज्ञापन में मांगों पर उचित कारवाई न होने पर राशन का उठान न करने के साथ ही सामूहिक त्यागपत्र देने की बात कही गई।
नारेबाजी करने और बैठक में मौजूद रहने वालों में संघ के अध्यक्ष दान सिंह कुमैया, प्रयाग दत्त, हेम उपाध्याय, पूरन सिंह संगेला, गणेश दत्त, शिव दत्त बुधोडी, नंदकिशोर मासीवाल, खीम राम, राजू पालीवाल, दयाल सिंह, बिशन राम, नरेंद्र सिंह, हेम चंद्र जोशी, हरीश सिंह बेलवाल, नवीन चंद्र, लाल सिंह, रमेश कैड़ा, कमल किशोर पाण्डे, केशव दत्त तिवारी आदि शामिल थे।