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गुस्साए लोगों ने पांच घंटे यातायात जाम कर दिया

Thu, 15 Mar 2018 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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जाम लगाने को उमड़ी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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 भैसियाछाना ब्लॉक के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र कनारीछीना का भवन निर्माण नौगांव में करने के विरोध में बृहस्पतिवार को ग्रामीण सड़कों पर उतर गए और उन्होंने चक्काजाम कर दिया। उनका आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से स्वास्थ्य केंद्र का भवन सड़क से दो किमी दूर बनाया जा रहा है जिसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा। विरोध प्रदर्शन के चलते मार्ग में पांच किमी लंबा जाम लग गया। जिससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में शव लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी फंस गई। पांच घंटे बाद तहसीलदार के साथ वार्ता और लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला गया। 

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  भैंसियाछाना विकासखंड का अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र भवन वर्षों से कनारीछीना में किराए के भवन पर चल रहा है। वर्तमान में विभाग द्वारा भवन निर्माण के लिए कनारीछीना से करीब छह किमी दूर नौगांव में भूमि का चयन कर भवन निर्माण शुरू कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर अस्पताल भवन बन रहा है वह मुख्य सड़क से लगभग दो किमी दूर है और वहां तक वाहन ले जाने की सुविधा भी नहीं है। जिस कारण अस्पताल का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों ने कनारीछीना में ही निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से अस्पताल का निर्माण नौगांव में कराया जा रहा है। इस संबंध में पिछले दिनों जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लिंगुड़ता, मंगलता, कनारीछीना, हटौला, पभ्या, कुनखेत के दर्जनों ग्रामीण कनारीछीना कस्बे पहुंचे। उन्होंने अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ मार्ग पर सुबह 10 बजे से तीन बजे तक पांच घंटे जाम लगा दिया।

 बरेली से शव लेकर आ रही एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। बाद में कुछ लोगों की पहल पर इस एंबुलेंस को जाने दिया गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार खुशबू पांडे और सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश पुराहित, राजस्व उपनिरीक्षक राजेश आर्या मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण जिलाधिकारी को मौके पर आकर समस्या सुलझाने के लिए अड़े रहे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता दरबान सिंह रावत आदि ने उपजिलाधिकारी से भी वार्ता की। बाद में तहसीलदार के लिखित आश्वासन के बाद जाम खुल सका। इस दौरान ग्रामीणों ने आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी भी दी। जाम लगाने वालों में मंगल सिंह रावत, भगवान सिंह रावल, चंदन सिंह, जगत सिंह, विनोद प्रकाश, धर्मानंद पांडे, कृष्ण सिंह, लक्ष्मण सिंह, दयाल जोशी, राजेश बिष्ट, इंदर सिंह, पुष्कर सिंह, संजना, मोहन रावल, लछिमा देवी, मानुली देवी, धनुली देवी आदि शामिल थे। 

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