मानदेय बढ़ाने और सरकारी कर्मचारी घोषित करने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तरांचल आगंनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने यहां गांधी पार्क में धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 18 हजार और सहायिका को नौ हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शून्य से छह साल तक के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य की देखभाल, अनौपचारिक शिक्षा के साथ पूरक आहार उपलब्ध कराने, गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिए जरूरी पोषाहार उपलब्ध कराने आदि का कार्य करती हैं। वहीं शासन समय-समय पर बीएलओ, आर्थिक गणना, जनगणना, पल्स पोलियो, राशन कार्ड सत्यापन समेत अन्य कार्य भी उन पर थोप रहा है। ऐसी स्थिति में उन्हें आठ घंटे से अधिक कार्य करना पड़ता है। वर्तमान में आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 4500 रुपये, मिनी आंगनाड़ी कार्यकर्ता को 3500 रुपये, सहायिका को 2200 रुपये मानदेय मिल रहा है, जो न्यूनतम वेतन से बहुत कम है।
समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कई बार आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीपीएफ, पेंशन, ग्रच्युटी, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, मासिक रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने का खर्च देने, दुर्गम और कठिन क्षेत्रों में अतिरक्ति भत्ता देने आदि मांगें भी लंबित हैं।
बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। धरने पर प्रदेश अध्यक्ष प्रभा फर्त्याल, जिला मंत्री ममता बिष्ट, कोषाध्यक्ष पुष्पा बिष्ट, हवालबाग मंडल अध्यक्ष मोहनी बिष्ट, संगीता साह, सीमा पांडे, गीता बिष्ट सीमा पांडे, महादेवी सुप्याल, दीपा , गोविंदी, रमा, हेमा, इंद्रा बेबी, गंगा, पुष्पा, कमला आदि ने भाग लिया।