आल्पस फैक्ट्री को बंद करने से कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। नाराज कर्मचारियों ने फैक्ट्री परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलन स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने शनिवार को अल्मोड़ा आगमन पर राज्यपाल केके पॉल से भी मिलने का समय मांगा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि आल्पस दवा फैक्ट्री मालिक, प्रबंधन की गलत नीतियों, नाकामियों के कारण ही कंपनी बंदी की कगार पर है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी फैक्ट्री में कई सालों से काम कर रहे हैं। अब अचानक कंपनी के बंद होने से कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन, मालिकों की नाकामी का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
आल्पस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूरन सिंह भंडारी ने बताया कि शनिवार को कर्मचारियों की प्रबंधन के साथ वार्ता होगी। वार्ता सकारात्मक न होने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा। शुक्रवार को क्रमिक अनशन में सोहन लाल, देवकी नंदन पांडे, शकील अहमद, आनंद सिंह रावत बैठे। धरने में हरीश रौतेला, कुंदन भोज, मुकेश रावत, विनोद पाटनी, मनोज कुमार, प्रकाश भंडारी, भावना वर्मा, गंगा रावत, अशोक रावत, शेखर जोशी, नवीन फुलारा, आनंद रावत, मनोज जोशी, गोपाल रौतेला, गोविंदी जोशी, माया पुनेठा, शांति बिष्ट, गंगा बिष्ट, बबीता रानी, हेमा तिवारी आदि कर्मचारी बैठे।