खारढुंगला पहुंचे अल्मोड़ा के युवा
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अल्मोड़ा। हिमालय के जन जीवन, परिस्थितियों और संस्कृति को जानने के लिए अल्मोड़ा के तीन युवकों ने बाइक से चार हजार किमी की यात्रा की। तीनों युवक उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत अंतरराष्ट्रीय चीन सीमा , पाकिस्तान और नेपाल की सीमा से लगे तमाम भारतीय इलाकों से होकर विश्व के सबसे ऊंचे मोटर मार्ग खरदुंगला तक पहुंचे। यात्रा के दौरान साहसिक युवकों ने लद्दाख में स्थित हैमीस मोनेस्ट्री में चल रहे बुद्धिस्टों के नरुपा में भी भाग लिया। जो कि बारह साल बाद आयोजित होता है।
अल्मोड़ा के तीन युवक अजेयमित्र सिंह बिष्ट, प्रभात डसीला और चेतन साह ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों से देहरादून, नहान, मंडी, मनाली, केलौंग, जिस्पा, दार्चा, सरचू, पांग, उपसी, थिक्से, शै होकर लेह लद्दाख तक की यात्रा की। जिसमें प्रमुख दर्रे रोहतांग ला, नामिक ला, बारालछला, तेंगलगला, चांगला जो चीन और पाकिस्तान सीमा के निकट लगे हुए हैं, भी शामिल हैं। इस दौरान तीनों बाइक सवार युवकों ने विशाल झील पैंगगोंग टीसो का अवलोकन किया। इसके अलावा युवकों ने शयोक, नुबरा, सिंधु और संस्कार घाटी भी देखी।
यात्रा में गए अजेयमित्र सिंह बिष्ट ने बताया कि हर जगह भाषाओं, खानपान, पहनावे और भाषा में विभिन्नता होते हुए भी एकता दिखाई दी। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में तनाव के बावजूद वहां के लोगों ने पारिवारिक सदस्य के रूप में उनसे व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी वह लोग दो बार इस क्षेत्र की यात्रा कर चुके हैं। वह मोटर साइकिल से ही अल्मोड़ा वापस लौटे हैं।