कहते हैं कि जब विपत्ति आती है तो व्यक्ति को कहीं का नहीं छोड़ती। एक सप्ताह पहले यहां सिकुड़ा बैंड के पास सड़क में मारे गए चालक डूंगर सिंह (31) की पत्नी पूनम और तीन छोटे-छोटे बच्चों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। पूनम के न तो सास-ससुर हैं और न ही माता-पिता।
पति डूंगर सिंह के दो भाइयों की पहले ही दुर्घटनाओं में मौत हो गई थी। हालत यह है कि घर में खाने के लिए तक कुछ नहीं है। ऐसे में पति के क्रियाकर्म की परंपरा भी किस तरह निभाई जाए।
एक सप्ताह पहले निकटवर्ती हूना गांव निवासी चालक डूंगर सिंह (31) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। डूंगर सिंह के माता-पिता नहीं हैं। जबकि दो बड़े भाई राजू और पप्पू की भी अलग-अलग दुर्घटनाओं में अकाल मौत हो गई थी। ये दोनों भी ड्राइवर थे।
डूंगर सिंह की मौत के बाद पत्नी पूनम (25) और उसके बच्चे अनाथ हो गए हैं। पूनम की ढाई साल और एक साल की दो बेटियां और डेढ़ माह का एक बेटा है।
ससुराल में भी पूनम की मदद करने वाला कोई नहीं है जबकि मायके की तरफ से भी कोई उम्मीद नहीं है क्योंकि उसके माता-पिता का काफी पहले स्वर्गवास हो चुका था और उसकी शादी भी चाचा-चाची ने की थी। घर में खाने के लिए कुछ नहीं है। इस हालत में पति के पीपलपानी आदि क्रिया कर्म की परंपरा भी निभानी मुश्किल हो गई है।
गत दिवस क्षेत्र के जागरूक देवेंद्र सिंह बिष्ट और कुछ अन्य लोगों ने अल्मोड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात करके पूनम को मदद करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय विधायक मनोज तिवारी ने उसे आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्र के लोगों ने स्वयं सेवी संस्थाओं से भी पूनम को मदद देने का आग्रह किया है। कुछ लोगों ने उसे मदद दिलाने के लिए लिहाज से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अल्मोड़ा की शाखा में उसका खाता भी खोला है। अगर आप भी पूनम को आर्थिक मदद देना चाहें तो उसके ग्रामीण बैंक अल्मोड़ा के खाता संख्या 76008694177 में धनराशि जमा करवा सकते हैं।