बैडमिंटन में अल्मोड़ा और उत्तराखंड को देश में अलग पहचान दिलाने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कोच डीके सेन ने साई से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त ले ली है। उनके इस कदम से अल्मोड़ा के साथ प्रदेश के खिलाड़ियों को तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि उनके प्रशिक्षण में कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी नाम कमाया है।
सेन अपनी नई पारी अब बंगलूरू में प्रकाश पादुकोण अकादमी में बतौर कोच शुरू करेंगे। उत्तरांचल बैडमिंटन एसोसिएशन उन्हें 19 अप्रैल को एक कार्यक्रम आयोजित कर विदाई देगा। डीके सेन का कहना है कि प्रकाश पादुकोंण एकेडमी में भी वह यहां के अच्छे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
अल्मोड़ा निवासी बैडमिंटन कोच डीके सेन ने कोच के तौर पर अपने करिअर की शुरुआत की और 1987 में भोपाल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) कोच के तौर पर ज्वाइन किया। फिर 1991 में स्थानांतरित होकर अल्मोड़ा आ गए। उनके अल्मोड़ा आने के साथ ही यहां के एक के बाद एक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर छाने लगे।
डीके सेन कई बार भारतीय बैडमिंटन टीम के साथ भी कोच के तौर पर विभिन्न देशों में जा चुके हैं। सेन 2013 में मुंबई में हुई राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप में वह मिक्स डबल में चैंपियन रहे। डीके सेन के दोनों बेटे लक्ष्य और चिराग सेन अंतर्राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं।
उत्तराखंड के कई खिलाड़ी बंगलूरू में ले रहे ट्रेनिंग
वर्तमान में उत्तराखंड के 12 से अधिक खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें लक्ष्य सेन, चिराग सेन, शिवम मेहता, बोधित जोशी, अदिति भट्ट, खुशी ठक्कर, प्रणय शर्मा, मनसा रावत, ध्रुव रावत, गायत्री रावत, अंश नेगी और ध्रुव नेगी शामिल हैं। इनमें लक्ष्य सहित कुछ खिलाड़ियों में ओलंपिक में पदक लाने की क्षमता देखते हुए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।