जिला पंचायत की बैठक के दूसरे दिन सदस्यों ने सिंचाई, पेयजल, पशुपालन आदि समस्याएं उठाकर उनके समाधान की मांग की। सदन ने जिले का सूखाग्रस्त घोषित करने का प्रस्ताव पास किया।
इस मौके पर अध्यक्ष पार्वती महरा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने को अधिकारियों और सदस्यों को टीम भावना से काम करने का आह्वान किया।
सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से कई क्षेत्रों में सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। कई बार निवेदन करने के बाद भी बंद पड़ी नहरों को ठीक नहीं किया जा रहा है। इससे काश्तकार परेशान है।
सदन ने प्रस्ताव पारित कर पानी की उपलब्धता वाले स्थानों पर छोटे डैम बनाने को कहा, ताकि जरूरत के समय भरपूर पानी मिल सके। पेयजल विभाग की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने भनोटिया, रामगंगा-चमडख़ान, दाड़िमी समेत अन्य पेयजल योजनाओं में आ रही समस्याओं को उठाया। सदस्यों ने पात्रों के बजाए उद्यान विभाग द्वारा अन्य लोगों को बीज बांटे जाने पर नाराजगी जताई।
मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चंद्र ने अधिकारियों को सदन में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेने और उचित समाधान कर कार्रवाई से संबंधित सदस्यों को भी अवगत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्यान अधिकारी को बीज वितरण में उठाई गई शिकायत की मौके पर जांच करने को कहा।
बैठक में पशुपालन, मत्स्य, युवा कल्याण, सहकारिता, खेल, खादी, रेशम, पर्यटन आदि विभागों की चर्चा हुई। जाड़े के सीजन में बारिश नहीं होने से फसलों पर पड़ रहे प्रभाव पर सदन ने चिंता जताई और सरकार को जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने का प्रस्ताव भेजा।
इस मौके पर जलागम प्रबंधन समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश कुंजवाल, एएमए आशा आर बिष्ट, उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत, विधायक प्रतिनिधि मोहन सिंह महरा, सांसद प्रतिनिधि रमेश बहुगुणा, प्रमुख हरीश बनौला आदि मौजूद थे। बैठक के अंत में जिला पंचायत अल्मोड़ा के पूर्व सदस्य और बागेश्वर जिला पंचायत अध्यक्ष के पिता मंगल सिंह ऐठानी के निधन पर शोक जताया गया।