अल्मोड़ा। रोडवेज की चार बसों का तीन माह से संचालन ठप रहने से डिपो को 80 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं और यात्री टैक्सी में अधिक किराया देकर सफर करने के लिए मजबूर हैं।
नगर के माल रोड स्थित रोडवेज स्टेशन से देहरादून, दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम समेत विभिन्न मार्गों के लिए 14 बस सेवाओं का संचालन होता है। डिपो में चालकों के 23 पद रिक्त हैं। इससे टनकपुर, लमगड़ा-दिल्ली, बेतालघाट-दिल्ली, देहरादून सेवाओं का तीन माह से संचालन ठप है। इस रूट पर संचालित होने वाली बसें वर्कशॉप से बाहर नहीं निकलीं और इनके पहिए जाम होने से डिपो को अब तक 80 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं यात्री भी परेशान हैं। हर रोज यात्री रोडवेज स्टेशन पर इस रूट पर संचालित होने वाली बसों का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस होकर टैक्सी के सहारे सफर करना पड़ रहा है। कब तक चालकों की तैनाती होगी, कब बसों के पहिए घूमेंगे और कब यात्रियों को राहत मिलेगी, इसका जवाब डिपो के पास भी नहीं है। संवाद
यात्री बोले
टनकपुर सेवा का संचालन न होने से दिक्कत झेलनी पड़ रही है। रोडवेज स्टेशन पर बस पहुंची ही नहीं। ऐसे में टैक्सी का इंतजाम करना पड़ा।
- पन्नू खोलिया, अल्मोड़ा।
शाम को देहरादून रूट पर यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है लेकिन बस का संचालन ठप है। इस वजह से यात्री परेशान हैं और टैक्सी में धक्के खा रहे हैं।
- रवींद्र गैड़ा, अल्मोड़ा।
कोट
चालकों के रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई है। चालक न होने से संचालन प्रभावित हो रहा है। चालकों की तैनाती के बाद ही बसों का संचालन संभव है।
-विजय तिवारी , सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।