अल्मोड़ा। कोसी नदी में बैराज बन गया है, लेकिन अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों को पानी आपूर्ति करने वाले कोसी नदी के किनारे के तीन पंपों को शिफ्ट करने का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। यह पंप काफी पुराने भी हो गए हैं। जिससे यह पंप जरूरत के अनुरूप नगर और आसपास के क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। जरूरत 13 एमएलडी पानी की है, लेकिन सात एमएलडी पानी ही मिल रहा है। पेयजल निगम निर्माण शाखा ने दूसरे स्थान पर नए पंप लगाने के लिए 8.84 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अब तक बजट नहीं मिला है। बजट के अभाव में पंपों को शिफ्ट करने का काम भी अधर में लटका है।
करीब 33 करोड़ की लागत से कोसी नदी में बैराज बन गया है। कोसी नदी से नगर को पानी की आपूर्ति करने वाले तीन पंप बैराज के डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। यह काफी पुराने भी हो गए हैं। जिनसे पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पा रहा है। अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों को प्रतिदिन करीब 13 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान करीब सात एमएलडी पानी ही सप्लाई कर पा रहा है। इससे लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
डूब क्षेत्र में आ रहे पंपों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की जरूरत है। यह पंप भी काफी पुराने हो गए हैं।
पेयजल निगम निर्माण शाखा ने इन पंपों को शिफ्ट करने और छह-छह हजार लीटर प्रति मिनट पानी पंपिंग क्षमता के दो नए पंप लगाने और कोसी से मटेला पंप हाउस तक 400 एमएम गोलाई की दो लाइनें बिछाने के लिए 884.68 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। पेयजल निगम के अधिशासी अभिंयता राम बाबू मौर्या ने बताया कि अब तक शासन से बजट नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि दो अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्यपाल ने कहा कि जल्द पैसा अवमुक्त किया जाएगा। पैसा मिलने के बाद काम शुरू किया जाएग।