अब मार्केट से मिलने वाली ब्रांडेड और महंगी जैनरिक दवाईयां अब प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों में सस्ते दामों में मिल सकेंगी। भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत अल्मोड़ा के बेस अस्पताल और नागरिक अस्पताल रानीखेत में जन औषधि केंद्र खुलने जा रहा है। इन दोनों अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोलने लिए रेडक्रास सोसायटी ने तैयारी शुरू कर दी है।
जैनरिक दवाईयां को आम भाषा में हम कामन दवाईयां कहते हैं, जो विभिन्न रोगों के निदान के लिए मरीजों को चिकित्सकीय सलाह पर दी जाती हैं। मरीज इन्हें काफी महंगे दामों में बाजार से खरीदते हैं। भारत सरकार की योजना के अंतर्गत यह दवाईयां आम लोगों को प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में मार्केट रेट से एक चौथाई मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी। कुमाऊं कमिश्नर और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद रेडक्रास सोसायटी ने योजना पर काम शुरू कर दिया है।
योजना के तहत एक लाख तक की औषधि केंद्र सरकार देगी जबकि बांकी दवाईयों का प्रबंधन रेडक्रास सोसायटी द्वारा किया जाएगा।
इसके लिए रेडक्रास सोसायटी जल्द ही भारत सरकार के उपक्रम ब्यूरो आफ फार्मा पब्लिक सेक्टर प्राइजेज इंडिया (बीपीपीआई) के साथ करार करेगी। बीपीपीआई प्रति जन औषधि केंद्र के लिए 2.50 लाख की मदद देगी। जिसमें बीपीपीआई द्वारा एक लाख रुपए तक की दवाईयां जन औषधि केंद्रों को नि:शुल्क दी जाऐंगी। बाकी डेढ़ लाख रुपए में से एक लाख का फर्नीचर और पचास हजार रुपए कंप्यूटर और इंटरनेट आदि के लिए उपयोग होगा।
पहले चरण में जन औषधि केंद्र अल्मोड़ा के बेस अस्पताल और नागरिक अस्पताल रानीखेत में खोला जा रहा है। रेडक्रास सोसायटी की सचिव डा. सविता हयांकी के अनुसार इन औषधि केंद्रो में दो फार्मेसिस्ट उपलब्ध होंगे जो मरीजों को औषधियों का वितरण करेंगे। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. योगेश पुरोहित ने बताया कि पहले चरण में अल्मोड़ा के बेस और नागरिक अस्पताल रानीखेत में जन औषधि केंद्र खोले जा रहे हैं। रेडक्रास सोसायटी द्वारा संचालित किया जाएगा। जल्द ही इन केंद्रों में जैनरिक दवाईयां बहुत ही सस्ते मूल्य में लोगों को उपलब्ध हो सकेंगी।