सरकार ने गुणवत्ताहीन, नकली और मिलावटी सामग्री के साथ ही एक्सपायरी सामान की बिक्री रोकने के लिए प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग स्थापित किया है, लेकिन सरकार की उदासीनता से यह विभाग संसाधन विहीन है। नियमानुसार प्रत्येक तहसील में एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी की तैनाती होनी चाहिए। अल्मोड़ा जिले में सृजित नौ खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों में से मात्र एक में ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं। आठ पद खाली हैं। बागेश्वर जिले में कोई भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात नहीं है। अल्मोड़ा में तैनात एक मात्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर दोनों जिलों की 15 तहसीलों की जिम्मेदारी है।
मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग स्थापित किया है। जिला स्तर पर अभिहीत अधिकारी और तहसीलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पद शासन से स्वीकृत हैं। जिले में अभिहीत अधिकारी का पद तो भरा हुआ है, लेकिन जिले में तहसील स्तर पर सृजित खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नौ पदों में से मात्र एक ही पद भरा हुआ है, जबकि नियमानुसार प्रत्येक तहसील में एक-एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात होना चाहिए। अल्मोड़ा में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास ही बागेश्वर जिले का अतिरिक्त प्रभार है।
अल्मोड़ा जिला मुख्यालय स्थित अभिहीत अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से लिपिक और चतुर्थ श्रेणी का पद खाली पड़ा है। इन पदों पर आउट सोर्सिंग से तैनाती होनी है, लेकिन यह पद भी नहीं भरे हैं। विभाग में मात्र अभिहीत अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी ही तैनात हैं। एकमात्र खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर अल्मोड़ा जिले के अलावा बागेश्वर जिले में मिलावटखोरी रोकने, सेंपलिंग, न्यायालय संबंधी, विभागीय आदि कार्यों का जिम्मा है। ऐसी स्थिति में बाजार में पहुंच रही मिलावटी खाद्य सामग्री पर अंकुश कैसे लगेगा यह सोचनीय है।