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नगर निकायों में भ्रष्टाचार का आरोप

Sun, 31 Jul 2016 11:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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नगर निकायों में भ्रष्टाचार का आरोप - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एके सिकंदर पवार ने आरोप लगाया कि सभी नगर निकायों में भ्रष्टाचार बढ़ा है। जिस कारण निकायों के कर्मियों, पर्यावरण मित्रों को वेतन, पेंशनरों को पेंशन आदि देयकों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। जिम्मेदारी निभाने में असफल रहने वाले निकाय अध्यक्षों को पद छोड़ देने चाहिए। 
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यहां पत्रकार वार्ता में पवार ने कहा कि ऐसे निकायों के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। आयोग अपने स्तर से भी निकायों की जांच करेगा। बताया कि सरकार ने मानकों में परिवर्तन कर निकायों में एक हजार की आबादी में पांच पर्यावरण मित्र रखने के आदेश जारी किए हैं। कई निकायों में ठेकेदारी प्रथा के तहत पर्यावरण मित्र 35 रुपये रोज पर काम कर रहे थे।

25 जुलाई को उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री हरीश रावत से शिष्टमंडल मिला। सीएम ने 26 जून को निकायों में में 859 पदों पर नियमित नियुक्त, 2781 पदों पर संविदा पर कर्मचारी रखने के आदेश दिए हैं। ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर दी गई है। प्रदेश के निकायों में 859 पदों में से अल्मोड़ा में 60 पदों पर पर्यावरण मित्र नियमित होंगे। इसमें अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी का भी सहयोग रहा।
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बताया कि सरकार ने पालिका की भूमि में कच्चे मकानों में रह रहे वाल्मीकि समाज के लोगों को भूमि पर मालिकाना हक देने और महर्षि वाल्मीकि आवास बनाने की घोषणा की है। बताया कि जिला बिजनौर यूपी की नहटौर सुरक्षित सीट से उन्होंने भी चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी की है। वहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, नगर अध्यक्ष पूरन रौतेला आदि थे।
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